पवित्र माह -ए- रमजान का मुक्कदस महीना चल रहा है. रमजान महीने में तीन अशरा होता है पहला असर रहमत का तथा दूसरा व तीसरा मगफिरत का होता है. नगर पंचायत क्षेत्र के जंगीपुर अंजुमन कमेटी सदर अब्दुल मुतलिब अंसारी के आवास पर शुक्रवार की रात नमाजे-ए- तरावीह का हाफिज अनवर ने समापन कराया. तरावीह की नमाज के बाद फातिया खानी कर सभी रोजदारों ने देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआएं मांगी. हाफिज अनवर ने कहा कि पवित्र माह -ए-रमजान मुबारक अल्लाह का महीना है. वहीं यह महीना सब्र तथा गमख्वारी का भी है. इस महीने में हर मुसलमान के लिए रोजा फर्ज है. मौलाना एजाज अंजुम ने कहा कि माह-ए-रमजान गुनाहों से पाक होने का महीना है. जो इस पवित्र महीने में कसरत से ज्यादा से ज्यादा कुराअ- ए-पाक की तिलावत, नमाज रोजा और जकात जैसे रकम निकालकर गरीबों व जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है. जामिया इस्लामिया जब्बारिय मदरसा के मोहतमिम अब्दुल कादिर साहब ने कहा कि अल्लाह ने फरमाया है कि जिस वतन में रहो उससे अपनी जान से भी ज्यादा मोहब्बत करो और अपने वतन के लिए मर मिटना सीखो. उन्होंने कहा कि खासकर अपने पड़ोसियों को दुख-सुख की घड़ी में ख्याल रखना चाहिए. आमिरे कमेटी तस्लीम खान ने कहा कि पवित्र माह-ए-रमजान प्रेम व आपसी भाईचारे का संदेश देता है.
अपने वतन से अपनी जान से भी ज्यादा मोहब्बत करो
अपने वतन से अपनी जान से भी ज्यादा मोहब्बत करो
