Garhwa: सुखलदरी जलप्रपात में डूबने से लातेहार के युवक की मौत, 18 घंटे बाद मिला शव

Garhwa: गढ़वा जिले के प्रसिद्ध सुखलदरी जलप्रपात में नहाने के दौरान लातेहार के एक युवक की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद चलाए गए खोज अभियान में लगभग 18 घंटे बाद शव को बरामद किया गया.

धुरकी से अनुप जायसवाल की रिपोर्ट
Garhwa (धुरकी): धुरकी थाना क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सुखलदरी जलप्रपात में रविवार को नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से एक युवक की डूबने से मौत हो गयी. मृतक की पहचान लातेहार जिला के बरवाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत छेचा गांव निवासी सत्येंद्र साह के 17 वर्षीय पुत्र छोटू कुमार के रूप में की गई है. बताया जाता है कि मृतक छोटू डंडई थाना क्षेत्र के सोनेहारा गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर आया हुआ था. रविवार को वह अपने कुछ दोस्तों के साथ सुखलदरी झरना घूमने गया था.

नहाने के क्रम में गहरे पानी में चला गया शख्स

घूमने के बाद नहाने के क्रम में पैर फिसलने या अंदाजा न मिलने के कारण वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद साथियों और सैलानियों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना धुरकी थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जनार्दन राउत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की खोजबीन शुरू कराई. काफी मशक्कत के बाद, घटना के करीब 18 घंटे बाद सोमवार को युवक का शव झरने के गहरे कुंड से बरामद किया गया.

धुरकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.

पहले भी गई हैं कई जिंदगी, सुरक्षा के इंतजाम नहीं

सुखलदरी जलप्रपात में डूबने से मौत की यह पहली घटना नहीं है. यह सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सुरक्षा मानकों के अभाव में लगातार खतरनाक साबित हो रहा है. करीब एक वर्ष पूर्व भी धुरकी थाना क्षेत्र के खाला गांव निवासी एक युवक की यहां नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गयी थी. वहीं चार वर्ष पूर्व पिकनिक मनाने आए गढ़वा के एक युवक की भी इसी झरने में डूबने से मौत हुई थी, जिसके शव को निकालने के लिए रांची से एनडीआरएफ की टीम बुलानी पड़ी थी.

सुखलदरी में लगा रहता है सैलानियों का तांता

सुखलदरी जलप्रपात की खूबसूरती को निहारने के लिए न सिर्फ झारखंड, बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार से भी बड़ी संख्या में पर्यटक हर साल यहां आते हैं. लगातार हो रहे इन हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि डेंजर जोन को चिह्नित करते हुए वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, बैरिकेडिंग कराई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाया जाए ताकि भविष्य में किसी सैलानी के साथ ऐसी अनहोनी न हो.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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