Jharkhand: गढ़वा में हाथियों का उत्पात, चट कर गए राशन दुकान का चावल, डीलर को मार डाला

Jharkhand: झारखंड के गढ़वा जिले के भंडरिया में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया. पर्रो गांव में राशन दुकान में रखा सारा चावल चट गए. इसके बाद डीलर को मार डाला.

झारखंड में हाथियों के झुंड ने एक राशन दुकान पर धावा बोल दिया. दुकान में रखे चावल खा गए और पीडीएस डीलर को पटककर कुचल दिया. घटना गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र की है.

पर्रो गांव में राशन दुकान में सो रहे थे डीलर महरू सिंह

भंडरिया थाना क्षेत्र के पर्रो गांव में पीताम्बर सिंह के 42 वर्षीय पुत्र महरू सिंह राशन दुकान पर सो रहे थे. इसी दौरान हाथियों का झुंड पहुंच गया. हाथियों ने पहले दुकान में रखे चावल खाए और उसके बाद एक हाथी ने राशन डीलर सह ब्यास महरू सिंह को पहले उठाकर पटका और फिर कुचल डाला.

डीलर को डालटेनगंज के सदर अस्पताल रेफर किया गया

पर्रो गांव के राशन डीलर को जिस समय हाथियों ने कुचला, उस समय उनकी पत्नी भी वहीं थी. पत्नी ने परिजनों को इसकी सूचना दी. आनन-फानन में लोगों ने महरू सिंह को इलाज के लिए भंडरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें पलामू के डालटेनगंज स्थित सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

डालटेनगंज सदर अस्पताल में हो गई घायल डीलर महरू की मौत

सदर अस्पताल में इलाज के दौरान महरू सिंह की मौत हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि 4 दिन पहले डीलर ने भंडरिया से राशन का उठाव किया था. उसे राशन दुकान में रखा था. लाभुकों के बीच इस महीने के राशन का वितरण नहीं हुआ था.

मंगलवार को होना था ग्रामीणों के बीच राशन का वितरण

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि डीलर ने कहा था कि मंगलवार को वह राशन का वितरण करेंगे. राशन वितरण से एक दिन पहले ही सोमवार (24 जून) की रात को हाथियों ने राशन दुकान में पहुंचकर सारा चावल खा लिया. राशन डीलर को भी पटककर मार डाला.

मृतक के परिजनों को मिलेगा मुआवजा : वनपाल

घटना के बाद वनपाल ललन कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है. प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा. हाथियों के हमले में हुए नुकसान के लिए सरकार ने मुआवजा की नीति बनाई है. इसके तहत वन विभाग के अफसर घटनास्थल का दौरा करेंगे. वहां नुकसान का जायजा लेंगे और मुआवजा की राशि तय करेंगे.

हाथी के हमले में मौत पर मिलता है 4 लाख रुपए मुआवजा

हाथियों के हमले में किसी की मौत हो जाने पर उसके निकट परिजन को सरकार मुआवजा देती है. मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए तक का मुआवजा मिलता है. हाथी के हमले में घायल होने वालों के इलाज के लिए खर्च के साथ-साथ मुआवजा भी मिलता है.

Also Read

लोहरदगा में हाथियों के झुंड ने जमकर मचाया उत्पात, खदेड़ने के दौरान छात्र की कुंआ में गिरने से मौत

जामताड़ा : जिले में हाथियों के हमले से पांच वर्षों में 16 लोगों की गयी है जान, 35 ज्यादा हुए हैं घायल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >