योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें जेई: उपायुक्त

योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें जेई: उपायुक्त

प्रतिनिधि, गढ़वा समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक हुई. बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति और लगातार मिल रही शिकायतों पर उपायुक्त ने चिंता जतायी. उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को अधिक गंभीर एवं जवाबदेह बनने का निर्देश दिया. सभी जूनियर इंजीनियरों (जेइ) को क्षेत्र स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने व अगली बैठक में अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया. उपायुक्त ने चेतावनी दी कि खराब प्रदर्शन पाये जाने पर संबंधित जेइ के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी. बैठक में बताया गया कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण कई क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित हुई है. इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता को सड़क निर्माण एजेंसियों के प्रोजेक्ट डायरेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित योजनाओं को शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया. जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था का आकलन करने के लिए सूची तैयार की जायेगी. कार्यपालक अभियंता को सभी कार्यालयों का विवरण संकलित कर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी, कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह, डीएसइ अनुराग मिंज, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, डीपीआरओ पंकज कुमार गिरि समेत कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे. मॉडल सामुदायिक शौचालय के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्देश उपायुक्त ने प्रत्येक प्रखंड में मॉडल सामुदायिक शौचालय और सैनिटेशन पार्क (वेस्ट टू आर्ट पार्क) निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि जल्द चिह्नित करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया. साथ ही एफएसटीपी (मल गाद उपचार संयंत्र) की स्थापना के लिए भूमि चयन प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा. बैठक में हालिया आंधी-तूफान से सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणालियों को हुए नुकसान की भी समीक्षा की गयी. अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत की व्यवस्था रांची में होने के कारण कार्य में विलंब होता है. इस पर जिला स्तर पर ही रिपेयरिंग व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया गया. पंचायत स्तर पर वाहन चालकों की नियुक्ति करें बैठक में ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज, आइएचएचएल निर्माण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा हुई. कचरा उठाव वाहनों के संचालन को लेकर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर मुखिया 15वें वित्त आयोग की राशि से वाहन चालकों की नियुक्ति और मानदेय भुगतान सुनिश्चित करें.

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Author: Akarsh Aniket

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