मना था, पर गढ़वा व मेराल में स्वीकृत हो गयी 46 नयी योजनाएं

मना था, पर गढ़वा व मेराल में स्वीकृत हो गयी 46 नयी योजनाएं

रमकंडा.

गढ़वा व मेराल के प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा उपविकास आयुक्त के निर्देशों को नहीं मानते. उन्होंने डीडीसी के निर्देशों की अवहेलना कर इन प्रखंडों में क्रमशः 31 व 15 डोभा निर्माण की योजनायएं स्वीकृत कर दी. ऐसे में निर्देशों की अवहेलना होने पर उपविकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्र ने इन प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है. उल्लेखनीय है की डीडीसी ने गढ़वा जिले के सभी बीडीओ को पत्र भेजकर पूर्व में लंबित पुरानी योजनाओं को शत प्रतिशत पूर्ण करने के बाद ही नयी योजना लेने का निर्देश दिया है. पर पूर्व की योजनाओं को पूर्ण कराये बिना ही डोभा निर्माण की 46 नयी योजना स्वीकृत कर दी गयी. बीडीओ को भेजे गये पत्र में डीडीसी ने पूर्व की लंबित योजनाओं को अभियान चलाकर नियमानुसार काम पूरा कर मनरेगा सॉफ्ट में बंद करने का निर्देश दिया है. साथ ही शत प्रतिशत योजनाओं के बंद होने तक एक भी नयी योजना प्रारंभ नहीं करने को कहा है.

अब तक 60 हजार योजना अधूरी : रिपोर्ट के अनुसार गढ़वा जिले के 20 प्रखंडों में अब तक 60 हजार 118 योजनाएं अधूरी हैं. एमआइएस रिपोर्ट के अनुसार बरडीहा में 2026, बड़गड़ में 1416, भंडरिया में 1709, भवनाथपुर में 2997, विशुनपुरा में 1266, चिनिया में 3582, डंडा में 805, डंडई में 3487, धुरकी में 2896, गढ़वा में 6288, कांडी में 5154, केतार में 1872, खरौंधी में 3317, मझियांव में 2219, मेराल में 4902, नगर उंटारी में 3684, रमकंडा में 2233, रमना में 2309, रंका में 6047 व सगमा में 1909 योजना लंबित हैं.

रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई होगी : डीडीसीइस संबंध में पूछे जाने पर उपविकास आयुक्त पशुपति नाथ मिश्र ने कहा की वीडियो कोंफ्रेंसिंग व पत्र के माध्यम से पूर्व की योजनाओं को पूरा करने के बाद ही नयी योजना लेने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद योजनाएं स्वीकृत की गयी. अभी वह अवकाश पर हैं. लौटने के बाद देखते हैं क्या रिपोर्ट आयी है, उसके अनुसार कार्रवाई होगी.

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