केसरे हिंद जमीन पर बनी दुकानों में अनियमितता, दोषियों पर होगी कार्रवाई

विधानसभा में मामला उठने और जांच रिपोर्ट के बाद नगर विकास विभाग सख्त

विधानसभा में मामला उठने और जांच रिपोर्ट के बाद नगर विकास विभाग सख्त

पीयूष तिवारी, गढ़वा

गढ़वा शहर के कालीस्थान मंदिर के पास केसरे हिंद की जमीन पर नगर परिषद द्वारा वाणिज्यिक उद्देश्य से बनायी गयी दुकानों के मामले में अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गयी है. इस मुद्दे को प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने, एसडीओ संजय कुमार द्वारा उपायुक्त को सौंपी गयी जांच रिपोर्ट और विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी द्वारा विधानसभा में मामला उठाने के बाद दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश जारी किया गया है. नगर विकास विभाग ने पत्रांक-627 के तहत इस मामले में दोषी पाये गये पदाधिकारियों और कर्मियों पर आरोप गठित करने तथा विभागीय कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मांगा है. साथ ही दुकान आवंटन से जुड़े मामले में आवश्यक कार्रवाई कर विभाग को अवगत कराने को कहा गया है. विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि केसरे हिंद की जमीन पर दुकान निर्माण से लेकर उसके आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं.

क्या है पूरा मामला

गढ़वा शहर में कालीस्थान मंदिर के सामने केसरे हिंद की जमीन स्थित है. नगर परिषद गढ़वा के कार्यपालक पदाधिकारी ने इस जमीन पर चिल्ड्रेन पार्क के विस्तार के नाम पर गढ़वा अंचल से प्रतिवेदन मांगा था. इस क्षेत्र के पास पहले से ही करीब एक एकड़ में चिल्ड्रेन पार्क मौजूद है और उसी का विस्तार किया जाना था. अंचल कार्यालय द्वारा जमीन के नेचर से संबंधित प्रतिवेदन नगर परिषद को उपलब्ध कराया गया. लेकिन पार्क का विस्तार करने के बजाय नगर परिषद ने वहां 84 दुकानों का निर्माण करा दिया. इसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया. दुकानों के निर्माण के बाद उन्हें पीपीपी मोड पर आवंटित करने की बात कही गई, लेकिन बिना स्पष्ट विज्ञापन जारी किये ही शहर के संपन्न लोगों और एक ही परिवार के कई सदस्यों को दुकानें आवंटित कर दी गयीं. आरोप है कि जिन लोगों के पास पहले से दुकानें थीं, उन्हें भी लाभ दिया गया. विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने विधानसभा में आरोप लगाया कि दुकान आवंटन में 20-20 लाख रुपये तक अवैध वसूली की गयी. वहीं एसडीओ संजय कुमार की जांच रिपोर्ट में भी कई गंभीर गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है.

अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प: विधायक

गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि वे शुरू से ही इस निर्माण का विरोध करते आ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के प्रभाव में कार्यपालक पदाधिकारी ने यह कदम उठाया. विधायक ने कहा कि संपन्न लोगों से 20-20 लाख रुपये लेकर सीधे दुकानों का आवंटन किया गया है. उन्होंने कहा कि वे इस मामले को विधानसभा में उठा चुके हैं और जब तक इसे अंजाम तक नहीं पहुंचा देते, तब तक चुप नहीं बैठेंगे.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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