गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के सरकारी गोदामों में पिछले दो सालों से चीनी का एक दाना तक नहीं पहुंचा है, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि जिले के आपूर्ति पदाधिकारी को इसकी भनक तक नहीं थी. समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में जब उपायुक्त अनन्य मित्तल ने इस पर सवाल किया, तो जिला आपूर्ति पदाधिकारी बगले झांकने लगे.
2024 के बाद नहीं कटी चीनी की रसीद
अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और ‘सिस्टम की नींद’ पर बिफरते हुए डीसी ने तत्काल डीएसओ को शो-काज जारी करने का आदेश दिया है. बैठक में जब आइटम वाइज समीक्षा शुरू हुई, तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि 2024 के बाद से जिले में चीनी की रसीद तक नहीं कटी है. उपायुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि आखिर इतने लंबे समय तक विभाग क्या कर रहा था? आपूर्ति व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही और अधिकारियों की जानकारी नहीं होने पर डीसी ने माफ करने लायक नहीं माना और स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों न उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
राशन बांटने में लापरवाही पर भी फटकार
डीसी अनन्य मित्तल ने सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि राशन वितरण और धान अधिप्राप्ति में भी ढुलमुल रवैया अपनाने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने दो टूक कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में ‘जानकारी नहीं है’ या ‘पता नहीं’ जैसे जवाब अब बर्दाश्त नहीं होंगे. हर हाल में महीने की 7 तारीख तक अनाज लाभुकों के घर पहुंच जाना चाहिए.
दिए गए निर्देश
सभी बीएसओ को फील्ड में उतरकर पीडीएस दुकानों की जांच करने का निर्देश दिया गया है. दो साल से चीनी की आपूर्ति न होने के पीछे कहीं कोई बड़ा खेल या कालाबाजारी तो नहीं है, अब विभाग इस बिंदु पर भी जांच कर सकता है. डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि पारदर्शिता और समयबद्ध आपूर्ति उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें बाधा बनने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा.
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