गढ़वा से पियूष तिवारी की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. विधायक ने कहा हैं कि विधायक निधि से लगाए जा रहे चापाकलों (बोरिंग) के नाम पर अगर किसी भी लाभुक से एक भी रुपए की मांग की गई, तो संबंधित एजेंसी और ठेकेदार पर गाज गिरनी तय है.
विधायक निधि का बड़ा हिस्सा जलापूर्ति पर खर्च
विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में पीने के पानी की भारी किल्लत को देखते हुए उन्होंने अपनी विधायक निधि का लगभग पूरा फंड जलापूर्ति सुधारने में लगा दिया है. उनका लक्ष्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, लेकिन इस नेक काम में भ्रष्टाचार की खबरें उन्हें विचलित कर रही हैं. कहा कि मीडिया के माध्यम से सूचना मिली है कि कुछ जगहों पर बोरिंग के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश हो रही है. मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि मेरे कार्यकाल में घूसखोरी के लिए कोई जगह नहीं है.
जनता से अपील
विधायक ने गढ़वा-रंका की जनता से सीधी बातचीत करते हुए अपील की है ये योजना पूरी तरह निशुल्क है. यह बोरिंग सरकारी फंड से हो रही है, इसके लिए किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है. अगर कोई ठेकेदार, बिचौलिया या एजेंसी का व्यक्ति पैसे मांगता है, तो डरे नहीं तुरंत विधायक कार्यालय, उनके कार्यकर्ताओं या सीधे विधायक को उस व्यक्ति के नाम के साथ सूचित करें.
दी सख्त चेतावनी
विधायक ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जनता का हक मारने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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