महमूद अंसारी
चिनिया (गढ़वा) : चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव के पत्थर पनिया जंगल में मिले गोला कोरवा (50 वर्ष) का शव मिलने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. यह मामला आत्महत्या का नहीं, बल्कि हत्या का निकला. मृतक की पत्नी संकल्पनीया देवी और उसके सगे छोटे भाई नारायण कोरवा ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. प्रेस वार्ता में एसडीपीओ ने किया खुलासा मामले की जानकारी देते हुए रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन कुमार सिंह ने चिनिया थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 11 जुलाई 2026 को पाल्हे जंगल में रामवृक्ष कोरवा के पुत्र गोला कोरवा का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था.
मृतक के गले में गमछा बंधा हुआ था. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद मृतक के पुत्र अजय कोरवा के लिखित आवेदन पर चिनिया थाना कांड संख्या 26/26, धारा 103(1)/238/3(5) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया. जंगल में एक साथ देखने पर दी जान अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की. कड़ाई से पूछताछ करने पर नारायण ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
उसने बताया कि उसका अपनी सगी भाभी (गोला कोरवा की पत्नी और 8 बच्चों की मां) संकल्पनीया देवी के साथ पिछले काफी समय से अवैध संबंध था. घटना के दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में एक साथ देख लिया था. भेद खुलने के डर से दोनों ने मिलकर गोला कोरवा की गला दबाकर हत्या कर दी. आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटकाया शव एसडीपीओ ने बताया कि हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से दोनों ने शव को मृतक के ही गमछे से बांधकर पेड़ से लटका दिया था.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी संकल्पनीया देवी और भाई नारायण कोरवा को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. गिरफ्तारी दल में एसडीपीओ रोहित रंजन कुमार सिंह के नेतृत्व में रंका अंचल निरीक्षक अभिजीत गौतम मिश्रा, चिनिया थाना प्रभारी सह अनुसंधानकर्ता बिकु कुमार रजक, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओमप्रकाश और चिनिया थाना के सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे.
