दूसरे वार्ड के लिए पार्षद चुनेंगे गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के सैंकड़ों मतदाता

मतदाता सूची में सैकड़ों मतदाताओं के नाम गलत वार्ड में दर्ज

मतदाता सूची में सैकड़ों मतदाताओं के नाम गलत वार्ड में दर्ज जितेंद्र सिंह, गढ़वा नगर निकाय चुनाव को लेकर गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के सैकड़ों मतदाता परेशान हैं. मतदाताओं के नाम उनके वास्तविक निवास वाले वार्ड के बजाय अन्य वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज हो गये हैं. इससे न केवल मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित होंगे, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभ पर भी संकट उत्पन्न हो गया है. मामले विशेष रूप से वार्ड संख्या 13, 14 और 16 से सामने आये हैं. जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 13 और 14 में निवास करने वाले लगभग 400 मतदाताओं के नाम अन्य वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज पाये गये हैं. वार्ड संख्या 13 में पिछले पांच वर्षों से रह रहे करीब 200 मतदाताओं का नाम वार्ड संख्या 11 की मतदाता सूची में शामिल है. इसी तरह वार्ड संख्या 14 में निवास करने वाले लगभग 200 मतदाताओं का नाम वार्ड संख्या 13 की मतदाता सूची में दर्ज है. मतदाताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में रह रहे हैं और उनके आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेजों में भी वही पता दर्ज है, इसके बावजूद मतदाता सूची में गंभीर त्रुटियां हैं. वार्ड 16 के मतदाता उमेश कश्यप, संतोष कश्यप, सोनू लाल, पवन कश्यप, ललन सोनी, संजय गुप्ता सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके नाम उनके वास्तविक वार्ड के बजाय दूसरे वार्ड की मतदाता सूची में दर्ज है. मतदाताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनाव नजदीक होने के कारण मतदाता सूची में सुधार की संभावना भी कम है, जिससे कई मतदाता अपने ही वार्ड में मतदान से वंचित हो सकते हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में हो सकती है परेशानी दूसरे वार्ड में नाम दर्ज होने से मतदाताओं को सरकारी योजनाओं जैसे आवास, पेंशन, राशन, सड़क, नाली व अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है, क्योंकि ये सुविधाएं वार्ड स्तर पर निर्धारित होती हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मतदाता सूची की त्रुटियों की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. 2024 में प्रकाशित सूची के आधार पर हो रहा चुनाव: एसडीएम इस संबंध में सदर एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि नगर निकाय चुनाव 10 अक्टूबर 2024 को प्रकाशित पुरानी मतदाता सूची के आधार पर कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में किये गये मतदाता सूची पुनरीक्षण का प्रभाव संभवतः आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा.

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Author: Akarsh Aniket

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