गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट
Garhwa Pond Incident, गढ़वा : गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पतहरिया कला गांव में बुधवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां गांव के ही ‘अकेलवा तालाब’ में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. मृत बच्चियों की पहचान पतहरिया कला गांव निवासी राजू राम की 9 वर्षीय पुत्री प्रियांशु कुमारी और परमेश्वर राम की 11 वर्षीय पुत्री सुशीला कुमारी के रूप में हुई है. दोनों की आपस में गहरी दोस्ती थीं. इस भयानक हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
लकड़ी चुनने निकली थीं दोनों सहेलियां
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे दोनों बच्चियां घर पर खाना खाने के बाद पास के जंगल की ओर सूखी लकड़ी चुनने के लिए निकली थीं. देर शाम तक जब वे घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद परिवार के सदस्य और ग्रामीण रातभर टॉर्च लेकर आसपास के जंगलों, खेतों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश करते रहे, लेकिन रात में उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका.
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सुबह तालाब में तैरता दिखा शव
बुधवार की सुबह गांव के कुछ लोग जब शौच के लिए अकेलवा तालाब की ओर गए थे, तभी उन्होंने तालाब के पानी में एक बच्ची का शव तैरता हुआ देखा. यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे गांव में फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए. ग्रामीणों ने जब तुरंत तालाब में उतरकर खोजबीन की, तो दोनों बच्चियों के शव बरामद हुए. शवों को पानी से बाहर निकालते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा. ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जंगल में लकड़ी चुनने के दौरान दोनों सहेलियां तालाब के पास चली गई होंगी. संभवतः पैर फिसलने के कारण या फिर नहाने के दौरान वे गहरे पानी में चली गईं और खुद को संभाल नहीं पाईं, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ.
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा शव
घटना की सूचना मिलते ही श्री बंशीधर नगर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों मासूमों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया. अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस इस संदर्भ में यूडी केस दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है.
हर आंख हुई नम, शोक में गांव में नहीं जले चूल्हे
दो मासूम बच्चियों की असमय और दर्दनाक मौत से पतहरिया कला गांव स्तब्ध है. इस घटना से दोनों पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट गए हैं. बुधवार को जब दोनों बच्चियों के शव एक साथ गांव पहुंचे, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया. ढांढस बंधाने पहुंचे ग्रामीणों और रिश्तेदारों की आंखें भी नम हो गईं. बच्चियों के प्रति शोक और परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए बुधवार को गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले.
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