गढ़वा से जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, टंडवा में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है. विद्यालय भवन भले ही नवनिर्मित और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से लैस हो, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाली करीब 500 मीटर लंबी कच्ची सड़क की बदहाल स्थिति विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलजमाव है. बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाती है.
बारिश होते ही सड़क बन जाती है कीचड़ का दलदल
विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क कच्ची होने के कारण बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है. जगह-जगह पानी जमा होने से सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते. इससे पैदल चलने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी काफी परेशानी होती है. सुबह विद्यालय आने और छुट्टी के बाद घर लौटने के समय विद्यार्थियों की भीड़ के बीच इस सड़क पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.
छात्रों से भरे टेंपो पर मंडरा रहा दुर्घटना का खतरा
विद्यालय आने-जाने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थी टेंपो और अन्य छोटे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. सड़क पर बने गड्ढों और कीचड़ के बीच से छात्रों से भरे टेंपो को गुजरना पड़ता है. कई जगहों पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी से वाहन निकालना पड़ता है. ऐसे में वाहन का संतुलन बिगड़ने पर कई विद्यार्थियों के एक साथ दुर्घटना की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है.अभिभावकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते सड़क की समस्या का समाधान करना चाहिए. उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और विद्यालय तक सुरक्षित आवागमन के लिए बेहतर सड़क की व्यवस्था जरूरी है.
519 विद्यार्थी, फिर भी बदहाल है विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा में वर्तमान में कुल 519 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. इनमें 303 छात्र और 216 छात्राएं शामिल हैं. प्रतिदिन इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आवागमन के बावजूद विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी सड़क पर बने गड्ढों के कारण परेशानी होती है, लेकिन बारिश के मौसम में स्थिति गंभीर हो जाती है. कई बार वाहनों के फंसने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है.
2007 में अस्थायी भवन से शुरू हुआ था विद्यालय
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गढ़वा की शुरुआत वर्ष 2007 में एक अस्थायी भवन में कक्षा एक से पांच तक के साथ हुई थी. बाद में विद्यालय को टंडवा स्थित नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित किया गया. विद्यालय का उद्देश्य रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों सहित स्थानांतरणीय केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा देना भी केंद्रीय विद्यालयों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.
नवनिर्मित भवन, लेकिन पहुंच पथ बदहाल
एक ओर विद्यालय को नवनिर्मित भवन में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा के लिए बेहतर भवन और सुविधाएं तभी सार्थक होंगी, जब विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता भी उपलब्ध हो.
सड़क निर्माण की स्वीकृति एक वर्ष पूर्व मिल चुकी, व्यवधान के कारण शुरू नहीं हुआ काम
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार सिंह ने सड़क की समस्या के संबंध में बताया कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए दो सड़कें हैं, लेकिन दोनों की स्थिति खराब है.उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए करीब एक वर्ष पूर्व ही स्वीकृति मिल चुकी है,फंड भी उपलब्ध है लेकिन कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से निर्माण कार्य में व्यवधान उत्पन्न किए जाने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है.प्राचार्य ने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
