गढ़वा से अविनाश को रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए आज यानी 20 मई को पूरे गढ़वा में बड़े पैमाने पर ‘महा-निरीक्षण’ ( फील्ड विजिट और इंस्पेक्शन डे’) अभियान चलाया जा रहा है. इसको लेकर उपायुक्त अनन्य मित्तल ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलास्तरीय अधिकारियों, बीडीओ, सीओ और ब्लॉक प्रभारियों के लिए 9 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किया है.बताया गया कि डीसी के निर्देश के बाद आज सभी विभागों के प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारियों के फील्ड विजिट की निगरानी करेंगे, जबकि उपविकास आयुक्त पूरे अभियान की ओवरऑल मॉनिटरिंग संभाल रहे हैं.
आज के ‘महा-अभियान’ की 9 बड़ी बातें: – किस अधिकारी को कहां जांच का है जिम्मा?
स्वास्थ्य विभाग: -सुदूर केंद्रों की जांच
सिविल सर्जन और चिकित्सा पदाधिकारी
सिविल सर्जन आज जिले के सबसे सुदूर (सबसे दूर स्थित) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही सभी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के 3 सबसे सुदूर स्वास्थ्य उप-केंद्रों की जांच करेंगे.
खाद्य आपूर्ति:- राशन दुकानों पर नजर
जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी और सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी आज रंका अनुमंडल की 5 सबसे कम राशन वितरण करने वाली जन वितरण प्रणाली दुकानों की जांच करेंगे. सहायक आपूर्ति पदाधिकारी श्री वंशीधर नगर अनुमंडल की ऐसी ही 5 दुकानों और सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपने-अपने ब्लॉक की 5 सबसे कम वितरण वाली दुकानों का निरीक्षण करेंगे.
कल्याण विभाग: -भवनों की उपयोगिता
सभी कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी आज अपने प्रखंड में 1 धुमकुड़िया भवन, 1 सरना-मसना स्थल और 1 बहुउद्देशीय (मल्टीपर्पज) केंद्र का निरीक्षण करेंगे. वे जांच करेंगे कि निर्माण के बाद इनका सही उपयोग हो रहा है या नहीं.
श्रम विभाग:- स्किल सेंटर्स की जांच
श्रम अधीक्षक को आज जिले में संचालित कम से कम 3 कौशल विकास केंद्रों (स्किल सेंटर्स) का निरीक्षण करने और वहां की व्यवस्थाओं को जांचने का निर्देश दिया गया है.
पंचायती राज:- पंचायत भवनों का अपग्रेडेशन
सभी प्रखंड वरीय प्रभारी और बीडीओ आज अपने आवंटित ब्लॉकों में कम से कम 3 पंचायत भवनों की स्थिति की जांच करेंगे. कार्यप्रणाली खराब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर कार्य करने वाले पंचायतों की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ को रोल मॉडल के रूप में सामने लाया जाएगा.
बाल विकास: -आंगनबाड़ी केंद्रों की स्क्रूटनी
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और प्रत्येक महिला पर्यवेक्षिका आज उन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करेंगी, जो पिछले महीने (अप्रैल) में 15 दिनों से भी कम समय के लिए खुले थे.
कृषि विभाग: -कृषक पाठशाला का जायजा
जिला कृषि पदाधिकारी और सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ( आज अपने-अपने ब्लॉक में ‘कृषक पाठशाला’ और कृषि विभाग के तहत गठित फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे.
शिक्षा विभाग:- उपस्थिति पर फोकस
आज अपने ब्लॉक के उन 5 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे जहां अप्रैल में सबसे कम औसत उपस्थिति थी. जिला शिक्षा पदाधिकारी 3 उच्च विद्यालयों तथा जिला शिक्षा अधीक्षक 2 मध्य विद्यालयों और 1 प्राथमिक विद्यालय की जांच करेंगे.
राजस्व विभाग
सभी अंचलाधिकारियों को आज अनिवार्य रूप से अपने-अपने क्षेत्र के दो हल्का कर्मचारी कार्यालयों का निरीक्षण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी, अच्छे कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण वाले आदेश से आज पूरे जिला प्रशासनिक महकमे में हड़कंप का माहौल है. आदेश में साफ कहा गया है कि पंचायत भवनों या अन्य सरकारी संस्थानों के निरीक्षण के दौरान अगर कार्यप्रणाली और स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, अगर कहीं कोई बेहतरीन और अनुकरणीय कार्य (बेस्ट प्रैक्टिस) किया जा रहा है, तो उसे जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए जिससे उसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सके.
यह भी पढ़ें: धनबाद: अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, तेतुलमारी राजगंज रोड को किया जाम
यह भी पढ़ें: झारखंड के इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
