गढ़वा. जिले में भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं . संभावित बाढ़ और जलजमाव को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की . उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी . सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है . उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का निर्देश दिया है . इस दौरान विद्यालयों में केवल गैर-शैक्षणिक कार्य होंगे . शिक्षक और संबंधित कर्मी निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहेंगे तथा विद्यालय परिसर की सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे .
हर अंचल में कंट्रोल रूम, अधिकारी मुख्यालय में रहेंगे
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित कर उसे सक्रिय रखने का निर्देश दिया . किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है . उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने का भी निर्देश दिया . संभावित बाढ़ और जलजमाव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पंचायत भवन और विद्यालय भवनों को पहले से तैयार रखने को कहा गया है . इन स्थानों पर प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था के साथ खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है .
नदी-नालों से दूर रहें लोग
प्रशासन ने आम लोगों से भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है . नदी, नाला, तालाब, जलाशय और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचने को कहा गया है . निचले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गयी है . पुलिस को अंचल स्तर पर माइकिंग कर लोगों को लगातार जागरूक करने का निर्देश दिया गया है . लोगों को जलजमाव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों से दूर रहने की जानकारी देने को कहा गया है .
अस्पतालों को भी अलर्ट रहने का निर्देश
संभावित आपदा को देखते हुए जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है . सिविल सर्जन को पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की तैयारी रखने को कहा गया है . बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, एसडीओ कुमार मयंक भूषण, आपदा विभाग के प्रभारी पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लकड़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे . अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े .
प्रशासन का संदेश साफ है
भारी बारिश को सामान्य न समझें, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनायें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें .
