गढ़वा: निजी स्कूलों में पढ़कर सरकारी में सिर्फ हाजिरी लगाने वाले बच्चों का कटेगा नाम, DC ने दिए निर्देश

Garhwa Education News: झारखंड के गढ़वा जिले की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देने और सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक पूरी हुई.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa Education News: समीक्षा बैठक के दौरान डीसी ने एक-एक कर अलग-अलग इंडिकेटर्स की समीक्षा की और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. बैठक में लापरवाही बरतने वाले और लक्ष्य के हिसाब से काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीसी ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों  और बीपीओ को दफ्तर छोड़कर नियमित रूप से स्कूलों का फील्ड निरीक्षण करने और शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक के जरिए दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है. 

दोहरा नामांकन करने वालों पर शिकंजा 

इस समीक्षा बैठक में एक फैसला सरकारी स्कूलों में ‘फर्जी नामांकन’ को लेकर आया. बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा और जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने उपायुक्त को एक गंभीर समस्या के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि बिना यू-डाइस कोड वाले कई निजी स्कूल, बच्चों का ‘आपार आईडी’ डिजिटल स्टूडेंट पहचान पत्र बनवाने के लिए उनका दोहरा नामांकन सरकारी स्कूलों में करवा देते हैं. बच्चे पढ़ते निजी स्कूल में हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड सरकारी स्कूल में दर्ज रहता है. इससे जिले का पूरा इंडिकेटर स्टेटस और रैंकिंग खराब हो रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ असली हकदारों की जगह निजी स्कूल के बच्चे उठा रहे हैं. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों के अभिभावकों को आपार आईडी का महत्व समझाया जाए. इसके बावजूद अगर बच्चे सरकारी स्कूल में लगातार अनुपस्थित रहते हैं, तो उनका नाम तुरंत सरकारी स्कूल से काटने का प्रस्ताव भेजें, जिससे कि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके. 

Garhwa Learns, Garhwa Leads’ से बदलेगी स्कूलों की तस्वीर 

गढ़वा जिले की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए एक योजना ‘गढ़वा लर्न्स, गढ़वा लीड्स’ की शुरुआत की गई है. इस योजना के बारे में उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का साधन है और इसके लिए पूरी टीम को नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम करना होगा. ‘डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इनोवेशन चैलेंज’ के तहत तैयार इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला स्तर पर एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है. इसके तहत मिशन रेड अलर्ट, गढ़वा स्पीक्स, स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड, परख, पीएम पोषण और ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल जैसी कुल नौ प्रमुख गतिविधियों पर फोकस किया जाएगा, जिससे बच्चों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ेगा, झिझक दूर होगी और उनका शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों से बच्चों के ड्रॉप-आउट को रोका जा सकेगा. 

पीएम-पोषण योजना की भी हुई समीक्षा 

बैठक में पीएम-पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की भी समीक्षा की गई, जिसमें मेनू के अनुसार पोषक आहार और खाद्यान्न बांटना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि हर प्रभाग में टॉप करने वाले सरकारी स्कूलों को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज सहित जिले के सभी बीईईओ, बीपीओ, बीपीएम, सीआरपी, अलग-अलग स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षा विभाग के जूनियर व सहायक अभियंता मुख्य रूप से मौजूद थे. 

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Published by: Sweta vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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