गढ़वा में चूहे मारने की दवा मिला दूध-रोटी खाने से 9 वर्षीय मासूम बीमार, अस्पताल में भर्ती

Garhwa News: गढ़वा जिले के गम्हरिया गांव में चूहे मारने के लिए दूध में मिलाई गई कीटनाशक दवा अनजाने में खाने से 9 वर्षीय एक मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया है. इसे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रमना थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां चूहे मारने के लिए दूध में मिलाई गई कीटनाशक दवा को अनजाने में खाने से 9 वर्षीय मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ गई. गंभीर हालत में परिजनों ने बच्चे को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है.

क्या है पूरा मामला

परिजनों के अनुसार, घर में चूहों के बढ़ते आतंक से परेशान होकर उन्होंने दूध में चूहा मारने वाली कीटनाशक दवा मिलाकर रख दी थी. इसी दौरान घर में मौजूद 9 वर्षीय शिवम कुमार यादव ने अनजाने में उसी दूध के साथ रोटी खा ली. बाद में जब परिजनों ने देखा कि कीटनाशक मिला दूध कम हो गया है, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई. 

बच्चे की हालत बिगड़ने पर मचा हड़कंप

परिजनों ने जब शिवम से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने वही दूध और रोटी खा ली है. यह सुनते ही परिवार के लोगों के हाथ-पांव फूल गए. बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजन तुरंत उसे रमना स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. 

सदर अस्पताल में चल रहा इलाज

प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने शिवम को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है और उसका लगातार इलाज जारी है. 

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By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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