Garhwa Budha Pahad, गढ़वा (अविनाश की रिपोर्ट): कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाने वाला गढ़वा का बूढ़ा पहाड़ और उसके आसपास के क्षेत्रों की सूरत बदलने की कवायद तेज हो गई है. राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर क्षेत्र के विकास को लेकर लगातार गंभीर दिख रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को गढ़वा समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की बारीकी से जांच की गई.
जमीनी दौरे के बाद एक्शन मोड में मंत्री
गौरतलब है कि विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए वित्त मंत्री ने बीते 3 अप्रैल को स्वयं बूढ़ा पहाड़ का दौरा किया था. उस दौरान ग्रामीणों से मिले फीडबैक के आधार पर ही आज की बैठक में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए. बैठक में गढ़वा डीसी दिनेश यादव, डीडीसी पशुपति नाथ मिश्रा, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीएस डॉ. जॉन एफ केनेडी और विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे.
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इन प्रमुख योजनाओं पर रहा जोर
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया:
- कुसुम्बा से बूढ़ा पहाड़ तक सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश.
- क्षेत्र के जो गांव अब भी बिजली से वंचित हैं, वहां तत्काल विद्युतीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया.
- हेसातू मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय (High School) में स्तरोन्नत (Upgrade) करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश.
- ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए कुल्ही में नए स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थापना की जाएगी.
अधिकारियों को अल्टीमेटम
वित्त मंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं ताकि क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके. बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, बड़गड़ के बीडीओ-सीओ और टेहरी पंचायत की मुखिया बींकू टोप्पो सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे.
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