मिठाई खाने के शौकीन हैं तो ये खबर जरूर पढ़ें, गढ़वा में जांच के दौरान खुली पोल

गढ़वा में मिठाई की दुकानों पर छापेमारी में खतरनाक केमिकल और सड़ी मिठाइयां मिलीं. प्रशासन ने दो कारखाने सील कर भारी जुर्माना लगाया. सतर्क रहें और सावधानी बरतें.

गढ़वा. त्योहारों का मौसम शुरू होते ही मिठाइयों की मांग बढ़ गयी है. इसी बीच जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त छापेमारी में मिठाई कारोबार में बड़े पैमाने पर अनियमितता और मिलावट का मामला सामने आया है. श्री बंशीधर नगर (नगर उंटारी) स्थित मिठाई कारखानों से लेकर गढ़वा शहर के होटल और रेस्टोरेंट तक जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में खतरनाक रसायनों, सिंथेटिक रंगों और खराब खाद्य सामग्री के इस्तेमाल का खुलासा हुआ.

श्री बंशीधर नगर स्थित शिवम स्वीट्स के निरीक्षण के दौरान चाशनी को साफ और चमकदार बनाने के लिए कपड़ा व औद्योगिक ब्लीचिंग में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रा रसायन का उपयोग पाया गया. प्रशासन ने मौके से रसायन जब्त किया. इसके अलावा परवल की मिठाई में अत्यधिक गहरे हरे सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल पाया गया.

जांच के दौरान 120 किलोग्राम रंगीन व संदिग्ध रसगुल्ले तथा 10 किलोग्राम हरे रंग से तैयार परवल की मिठाई जब्त कर नष्ट करायी गयी. वहीं न्यू शिवम स्वीट्स के कारखाने से 100 किलोग्राम सड़ा और संदिग्ध रसगुल्ला बरामद हुआ. दोनों कारखानों में गंभीर अनियमितता मिलने पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और अगले आदेश तक दोनों को सील कर दिया गया. जांच टीम ने गढ़वा शहर के होटल और रेस्टोरेंट में भी छापेमारी की.

हनुमान मोड़ स्थित अनिकेत पैलेस एंड रेस्टोरेंट के किचन से फफूंद लगा और बदबूदार पनीर बरामद किया गया. ग्वावल स्वीट्स और मां जगदंबा स्वीट्स में फ्रीजर में रखी करीब आठ किलोग्राम सड़ी-गली मिठाइयां मिलीं. न्यू प्लाजा होटल में जलेबी बनाने में मानक से अधिक रासायनिक रंगों का इस्तेमाल पाया गया.

आकाशगंगा होटल का किचन नाले के पानी और जलजमाव के बीच संचालित होता मिला. होटल पर पांच हजार रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया गया. जांच के दौरान जब्त खोआ, छेना और रसमलाई के नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गये हैं. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है. अत्यधिक चमकदार या चटक रंग वाली मिठाइयों से बचने, चाशनी में रासायनिक गंध महसूस होने पर उसका सेवन नहीं करने तथा लाइसेंसधारी दुकानों से ही पनीर, खोआ और मिठाइयां खरीदने की सलाह दी गयी है.

एसीएमओ सह अभिहित अधिकारी डॉ. आरएस सिंह ने कहा कि चाशनी साफ करने के लिए हाइड्रा जैसे रसायन या मिठाइयों में सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ है. ऐसे मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जायेगा. जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और छापेमारी आगे भी जारी रहेगी.


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By Avinash singh

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