Garhwa News: सरकारी बोर्ड के बावजूद 1.15 एकड़ जमीन पर वर्षों से खेती, केतार में व्यवस्था पर उठे सवाल

केतार में सरकारी भूमि पर लगे बोर्ड के बावजूद हो रही अवैध खेती। प्रशासन की लापरवाही और अतिक्रमण पर उठ रहे गंभीर सवाल, जानें पूरी खबर।

केतार, गढ़वा : केतार थाना के समीप सरकारी भूमि पर लगा सरकारी बोर्ड ही अब सरकारी व्यवस्था की हकीकत बयां करता नजर आ रहा है. केतार अंचल की ओर से पाचाडुमर मौजा स्थित खाता संख्या 520 और प्लॉट संख्या 1466 की 1.15 एकड़ भूमि को सरकारी बताते हुए यहां बोर्ड लगाया गया है. बोर्ड पर क्रय-विक्रय, अनाधिकार प्रवेश और कब्जा वर्जित होने की बात स्पष्ट रूप से लिखी गयी है. इसके बावजूद उक्त भूमि पर वर्षों से कुछ लोगों द्वारा खेती किये जाने की बात सामने आ रही है.

फिलहाल भी सरकारी भूमि के अलग-अलग हिस्सों में तिल और अरहर की फसल लगी हुई है. खेत के बीच में लगा सरकारी बोर्ड और उसके आसपास हो रही खेती प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रही है.

बोर्ड लगा, लेकिन नहीं रुकी खेती

एक ओर अंचल प्रशासन ने जमीन को सरकारी बताते हुए उस पर प्रवेश और कब्जे पर रोक लगा रखी है, वहीं दूसरी ओर उसी जमीन का इस्तेमाल खेती के लिए किये जाने की बात सामने आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि वास्तव में सरकारी है और उस पर अनाधिकार प्रवेश वर्जित है, तो वर्षों से वहां खेती कैसे होती रही.

लोगों का कहना है कि बोर्ड लगाये जाने के बाद भी जमीन का निजी खेती के लिए इस्तेमाल होना यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी जमीन की निगरानी और उसके संरक्षण को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है.

अतिक्रमण मुक्त कराने की बात

मामला सामने आने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद जगी है. इस संबंध में अंचल निरीक्षक सुलेमान अंसारी ने कहा कि भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा और प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

अब देखना होगा कि सरकारी जमीन पर वर्षों से खेती किये जाने की शिकायत के बाद प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और सरकारी भूमि को वास्तविक रूप से अतिक्रमण व अवैध उपयोग से मुक्त कराया जाता है.

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By Prabhat khabar news desk

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