प्रतिनिधि, गढ़वा सदर अस्पताल में बुधवार को इलाज के दौरान एक शिक्षक की मौत के बाद अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी. दो शादियों से जुड़े पारिवारिक विवाद के कारण मृतक का शव घंटों तक अस्पताल में पड़ा रहा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया बाधित रही. मृतक की पहचान पटना जिले के नौबतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खजूरी गांव निवासी स्वर्गीय नरेश प्रसाद के पुत्र संजय कुमार (45 वर्ष) के रूप में की गयी है. वह पलामू जिले के ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लकरही में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. परिजनों के अनुसार, संजय कुमार की पहली शादी संयोगिता देवी से हुई थी. बाद में उन्होंने दूसरी शादी रूबी देवी से की, जिनकी वर्ष 2018 में मृत्यु हो गयी. दूसरी पत्नी से उनकी दो बेटियां सोना कुमारी और खुशी कुमारी हैं. वर्तमान में वे गढ़वा जिले के मझिआंव में किराये के मकान में अपनी बेटियों के साथ रह रहे थे. बताया गया कि पहली पत्नी और उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी पारिवारिक तनाव के बीच शिक्षक लंबे समय से डायबिटीज से भी पीड़ित थे और पिछले 15 दिनों से उनका इलाज चल रहा था. बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. मृतक की बेटी सोना कुमारी ने बताया कि पिता की पहली पत्नी संयोगिता देवी को जब मौत की सूचना दी गयी, तो उन्होंने शुरुआत में इस पर विश्वास नहीं किया. बाद में वह बच्चों के साथ पटना से गढ़वा के लिए रवाना हुईं और कहा कि जब तक वे स्वयं अस्पताल नहीं पहुंचतीं, तब तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाये. इधर, दूसरी पत्नी की बेटियां शव के पास बैठकर लगातार रोती रहीं और सौतेली मां के आने का इंतजार करती रहीं. इसी कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया घंटों तक बाधित रही और अस्पताल परिसर में स्थिति असामान्य बनी रही.
पारिवारिक विवाद से घंटों अटका रहा पोस्टमार्टम
पारिवारिक विवाद से घंटों अटका रहा पोस्टमार्टम
