प्रतिनिधि, गढ़वा जिलास्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में मंडल डैम के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. साथ ही विस्थापितों को जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई. इस दौरान समिति ने संबंधित वन भूमि पर विभिन्न पुनर्वास योजनाओं के लिए अनापत्ति भी प्रदान की. बैठक में उपायुक्त ने रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर तथा रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ स्थित पुनर्वास स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने चिह्नित स्थलों पर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि विस्थापित परिवारों को बेहतर जीवन-यापन की सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए पुनर्वास स्थलों पर सड़क निर्माण, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया को संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए. अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास स्थल उपलब्ध कराया जा सके. वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन व पात्र लाभुकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने समिति के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों को वन अधिकार से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने और पात्र परिवारों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी) इबी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश व समिति के सदस्य शम्भू सिंह, श्रवण कुमार सिंह व सुचिता देवी उपस्थित थीं.
पुनर्वास स्थलों पर शीघ्र शुरू करायें विकास कार्यः उपायुक्त
पुनर्वास स्थलों पर शीघ्र शुरू करायें विकास कार्यः उपायुक्त
