20 दिनों से पेयजलापूर्ति ठप, पानी के लिए हाहाकार

20 दिनों से पेयजलापूर्ति ठप, पानी के लिए हाहाकार

रंका.

रंका-रमकंडा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत घरों तक पानी पहुंचाने का काम पिछले 20 दिनों से बंद है. इससे लोगों में त्राहिमाम मचा है. इस भीषण गर्मी में गांव सहित टोले-मुहल्ले के चापाकल सूख गये हैं. लोग जहां-तहां से पानी लाकर पानी पीने को विवश हैं. इस संबंध में बीडीसी शिवशंकर राम ने कहा कि कंचनपुर गांव में करीब 20 दिन से जलापूर्ति ठप है. पानी के लिए लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. रंका-रमकंडा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना फेल हो गयी है. जिन कुछ घरों में पानी मिल रहा था. वह भी बंद हो गया है. गांव के ज्यादातर चापाकल सूख गये हैं. लोग जहां-तहां से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं. अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान सुनिश्चित करें. अनुमंडल मुख्यालय के वार्ड नंबर एक की गीता देवी ने कहा कि 20 दिनों से पानी नहीं मिल रहा है. वार्ड नंबर एक के दो चापाकलों में जलमीनार लगी है. समरसेबल खराब होने से जलमीनार में भी पानी नहीं चढ़ता है. आधा किलोमीटर दूर नदी किनारे लगे चापाकल से पानी लाकर लोग पी रहे हैं. महिलाएं चिलचिलाती धूप में पानी लाती हैं. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से पानी सप्लाई जल्द चालू कराने की मांग की है. समाजसेवी श्यामसुंदर प्रसाद ने कहा कि अनुमंडल मुख्यालय के लोगों में पानी के लिए अफरा-तफरी मची है. लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी नहीं मिलना गंभीर समस्या है. उन्होंने खराब चापाकलों के जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. दर्जी मुहल्ला निवासी सदर शोयब खलिफा ने कहा कि अनुमंडल मुख्यालय में बना रंका – रमकंडा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना सफल नहीं है. करीब बीस दिनों से वाटर सप्लाई बंद है. इससे लोगों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लोग जहां-तहां से पानी ला रहे हैं.

जल शोधन इकाई को फुल लोड बिजली नहीं मिल रहीइस संबंध में पूछे जाने पर कनीय अभियंता महावीर प्रसाद ने कहा कि 10.5 एमएलडी क्षमता वाली जलशोधन इकाई में सही तरीके से विद्युत आपूर्ति नहीं होने के कारण जलापूर्ति बाधित है. इकाई में बिजली लोड नहीं ले पा रहा है. इस समस्या के समाधान के लिए विभाग से पत्राचार किया गया है. जब तक फुल लोड बिजली नहीं मिलेगी, जलापूर्ति बाधित रहेगी.

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