डिग्री मिलने के बाद क्या है सबसे बड़ी जिम्मेदारी, राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बताया रास्ता

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने का आत्मविश्वास भी देती है. राज्यपाल ने ज्ञान को समाज और राष्ट्र के विकास में उपयोग करने का आह्वान किया.

गढ़वा. वर्तमान दौर चुनौतियों का है. ऐसे में चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए खुद को आगे लाने की सोच विकसित करनी होगी. शिक्षा व्यक्ति को केवल डिग्री नहीं देती, बल्कि जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने का आत्मविश्वास भी देती है. यह बातें झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में कहीं.

शिक्षा के साथ अवसर और ज्ञान के साथ आत्मविश्वास जरूरी

विश्वविद्यालय के गुरूपद संभव राम जी सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ अवसर और ज्ञान के साथ आत्मविश्वास जरूरी है. तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों के सामने नये अवसरों के साथ नयी चुनौतियां भी हैं. ऐसे में अपनी क्षमता को पहचानकर अवसरों का लाभ उठाना और कठिन परिस्थितियों में समाधान तलाशना जरूरी है. उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग सकारात्मक दिशा में करने का आह्वान किया.

ज्ञान का लाभ समाज और राष्ट्र तक पहुंचे

राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए. शिक्षित व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि उसके ज्ञान और कौशल का लाभ समाज और राष्ट्र के विकास में भी पहुंचे. उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि अब तक प्राप्त शिक्षा को समाज के हित में उपयोग करने के संकल्प का अवसर भी है.

उन्होंने बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

गौतम जैन व संतोष चौबे को मिली मानद उपाधि

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से गौतम जैन और संतोष चौबे को मानद उपाधि प्रदान की गयी. विद्यार्थियों को भी विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गयीं. राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि अब उनके सामने शिक्षा को व्यवहार में उतारने की जिम्मेदारी है.

कुलाधिपति ने गिनायीं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां

कुलाधिपति दिनेश सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिकता, संस्कार और जीवन मूल्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है. विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है.

कुलपति एमके सिंह ने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और विद्यार्थियों के लिए किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला.

पूजा-अर्चना के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत मां सरस्वती, परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम एवं गुरूपद संभव राम जी के चित्र के समक्ष पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और दीक्षांत समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई.

ये रहे मौजूद

समारोह में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, विधायक डॉ शशिभूषण मेहता, पूर्व सांसद सुनील सिंह, पूर्व कुलपति डॉ फिरोज अहमद, शिक्षाविद अलख नाथ पांडेय, समाजसेवी रंजीत सिंह, इंजीनियर रणधीर सिंह, गढ़वा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष बबलू पटवा, डीपीएम (स्वास्थ्य) गौरव कुमार सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By पियूष तिवारी

पियूष तिवारी गढ़वा जिले में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. ढाई दशक से भी अधिक के इस सुदीर्घ अनुभव में उन्होंने खोजी पत्रकारिता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है. पेचीदा प्रशासनिक मामलों का तथ्यपरक विश्लेषण करना और छिपी हुई खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ सामने लाना उनकी कार्यशैली की मुख्य पहचान है.

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