रात्रि 10 बजे के बाद बिना अनुमति आतिशबाजी न करें : एसडीएम

रात्रि 10 बजे के बाद बिना अनुमति आतिशबाजी न करें : एसडीएम

गढ़वा.

सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने एहतियात के तौर पर एक बार फिर शहर में अवैध पटाखा बिक्री की जांच को लेकर औचक छापेमारी की. गढ़वा में जिन चार दुकानों में छापेमारी की गयी, उन सभी दुकानों में पूर्व में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में पटाखों की बिक्री का आरोप था. हालांकि इस छापेमारी के दौरान इन सभी दुकानों में किसी भी रूप में पटाखा या कोई अन्य विस्फोटक नहीं मिला. इन दुकानदारों ने बताया कि होली के आसपास हुई छापेमारी के बाद इन्होंने यह व्यवसाय छोड़ दिया था. इस पर संजय कुमार ने उन्हें चेतावनी देते हुए अपना आदेश दोहराया कि बिना लाइसेंस पटाखे बिक्री नहीं होने चाहिए. अगर वे बाद में चोरी-छुपे पटाखे बेचते पकड़े गये, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.

आम नागरिकों से अपील, देर रात तक आतिशबाजी न करेंउन्होंने कहा कि हाल में कुछ दिनो से देखने को मिल रहा है कि बारात आदि में रात 12 बजे तक या कई बार तो इससे भी देर रात तक पटाखे फोड़े जा रहे हैं. आधी रात के बाद भी कुछ लोगों के इस कृत्य से न केवल हजारों लोगों की नींद खराब होती है बल्कि कई बार विधि व्यवस्था की असहज स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है. इस पर सदर अनुमंडल दंडाधिकारी संजय कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि रात्रि 10 बजे के बाद पटाखे, आतिशबाजी का मामला संज्ञान में आता है, तो ऐसे लोगों पर संबंधित थाना प्रभारी वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करेंगे.

साइलेंस जोन में नहीं फोड़ें पटाखेएसडीएम ने आमजन से अपील की कि अस्पताल, न्यायालय, विद्यालय व पूजा स्थल जैसे साइलेंस जोन वाले परिसरों से 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी न करें. अत्यंत भीड़भाड़ वाले घने इलाकों या पेट्रोल पंप व गैस गोदाम जैसे ज्वलनशील परिसरों के इर्द-गिर्द भी आतिशबाजी न करें.

हर्ष फायरिंग अपराध है, इससे बचेंअनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि एक असामाजिक परंपरा चली आ रही है कि शादी विवाह या अन्य आयोजनों के अवसर पर लोग हर्ष फायरिंग करते हैं, इस कृत्य से कई बार आगजनी, घायल होने तथा कई बार गोली लगने से मौके पर हताहत होने जैसी घटनाएं भी प्रकाश में आती हैं. इससे विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि शादी-विवाह के आयोजनों में हर्ष फायरिंग न करें, क्योंकि ऐसा करना दंडनीय अपराध है. उल्लंघन कर्ताओं पर गिरफ्तारी, हथियार जब्ती और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जायेगी.

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