एनुअल चार्ज, फीस वृद्धि व किताब बदलने को लेकर हुई स्कूल संचालकों से बात

एनुअल चार्ज, फीस वृद्धि व किताब बदलने को लेकर हुई स्कूल संचालकों से बात

गढ़वा. सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अपने एक घंटे के नियमित साप्ताहिक कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम में गुरुवार को अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत चल रहे निजी विद्यालयों के संचालकों को अपने यहां कॉफी पर आमंत्रित कर संवाद किया. कार्यक्रम में अनुमंडल क्षेत्र के 40 निजी विद्यालयों के संचालकों/ प्रबंधकों ने भाग लिया. इस एक घंटे की अनौपचारिक वार्ता में अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से ऐसे विषयों को रखा गया, जो अभिभावकों के द्वारा समय-समय पर अनुमंडल पदाधिकारी के पास शिकायत के रूप में प्राप्त हुए थे. इनमें ज्यादातर मामले गैर-समानुपाती फीस वृद्धि, एनुअल चार्ज, किताबों में हर साल बदलाव, किताबों की कीमत, स्कूल बसों के संचालन से जुड़े हैं. ज्यादातर विद्यालयों में या तो हाल ही में नये सत्र शुरू हुए हैं या बहुत जल्द नये सत्र शुरू होने वाले हैं. ऐसे में अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधन से अपील की कि वे इस वर्ष भी अभिभावकों की समस्याओं व शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ हल करेंगे. संचालकों ने उठाये विधि व्यवस्था संबंधी मामले ज्यादातर विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने स्कूल परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था से जुड़े मामले उठाये. स्कूल में छुट्टी के उपरांत विद्यालय के बाहर बाइकर्स गैंग और अराजक तत्वों द्वारा भीड़ लगाना या लफंगों द्वारा स्कूल बसों का पीछा करने जैसी बात बतायी गयी. कुछ स्कूल संचालकों ने बताया कि उनके विद्यालय के ठीक सामने मांस-मछली व तंबाकू उत्पाद की दुकानें संचालित हैं. उनको अविलंब बंद कराया जाये. ऐसे ही सभी विद्यालयों की ओर से कुछ न कुछ मुद्दे रखे गये. इन्हें रिकॉर्ड में लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी इन शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जायेगी. कुछ स्कूल संचालकों ने बताया कि उन्हें हर वर्ष फायर, बिल्डिंग और वाटर डिपार्टमेंट से अनापत्ति लेनी पड़ती है. इसके लिए उन्हें अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं. कई बार अवैध राशि के लिए भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया जाता है. इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि इस पर वह अपने स्तर से जांच करने का प्रयास करेंगे. विद्यालयों की ओर से यह भी मांग रखी गयी कि हाइवे पर जो नये टोल गेट संचालित हैं, उनमें विद्यालय की बसों को आवश्यक रियायत प्रदान किया जाये ताकि इसका अतिरिक्त वित्तीय बोझ अभिभावकों पर न पड़े. सभी ने एसडीओ को आश्वस्त किया कि वे अपने यहां स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठायेंगे. इन विद्यालयों के प्रतिनिधि हुए शामिल इस दौरान आरके पब्लिक स्कूल, शांति निवास, सेंट पॉल एकेडमी, बीएनटी संत मैरी, बीएसकेडी, ज्ञान निकेतन, साउथ पॉइंट, शांति निकेतन, ब्राइट फ्यूचर, ईडन गार्डन, सीपी मेमोरियल व सूरत पांडेय सहित अन्य विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इन्होंने रखी अपनी बात : जिन लोगों ने प्रमुखता से अपने विचार व्यक्त किये उनमें अलख नाथ पांडेय, उमाकांत तिवारी, मदन प्रसाद केसरी, सिस्टर रेशमा, शांति केरकेट्टा, नारद तिवारी, संजय सोनी, एसएन पाठक, आनंद पांडेय, अनिल विश्वकर्मा, चंदन गोंड, नीलेश ठाकुर व दिवाकर सिन्हा शामिल हैं.

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By Sanjay

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