प्रतिनिधि, गढ़वा
समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) एवं खाद्य सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रखंडों में गोदाम प्रभारी का दायित्व संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को ही सौंपा जाये. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई प्रखंडों में जनसेवक, लिपिक और अन्य कर्मियों को यह जिम्मेदारी दी गयी है, जिससे उनके मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे कर्मियों को इस दायित्व से मुक्त कर उनके मूल कार्यों पर ध्यान केंद्रित कराया जाये. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जून 2026 माह के खाद्यान्न उठाव, डोर-स्टेप डिलीवरी और वितरण की स्थिति की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने सभी लाभुकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके अलावा जुलाई से सितंबर 2025 तक के नमक वितरण और सितंबर 2025 के चना दाल वितरण की भी समीक्षा की गयी.
राशन कार्ड से अपात्र लाभुकों को हटायें
बैठक में राइटफुल टार्गेटिंग अभियान के तहत संदिग्ध राशन कार्डधारियों, 18 वर्ष से कम व 100 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों के सत्यापन, साइलेंट राशन कार्डों और फर्जी लाभुकों की स्थिति पर चर्चा हुई. उपायुक्त ने अपात्र लाभुकों की पहचान कर सूची अद्यतन करने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके.सभी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करें
बैठक में इ-केवाइसी की प्रगति, रिक्त एवं लंबित आवेदनों की स्थिति तथा एजीआरएस और पीजीएमएस पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने सभी शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निलंबित दुकानों की स्थिति तथा धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध प्राप्त सीएमआर की भी समीक्षा की गयी. बैठक में अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, जनसेवक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे.