गढ़वा: बड़गड़ में डाकघर की मांग पहुंची दिल्ली, सांसद वीडी राम ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को लिखा पत्र

बड़गड़ में डाकघर न होने से ग्रामीण परेशान हैं। पलामू सांसद वीडी राम ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर जल्द डाकघर खोलने की मांग की है। जानें पूरी खबर।

घनश्याम कुमार सोनी की रपोर्ट

बड़गड़ (गढ़वा). बड़गड़ प्रखंड में डाकघर खोलने की वर्षों पुरानी ग्रामीणों की मांग अब केंद्र सरकार तक पहुंच गयी है. पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को पत्र लिखकर बड़गड़ में डाकघर स्थापित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है.

निकटतम डाकघर करीब 50 किलोमीटर दूर

सांसद ने 11 अगस्त 2026 को लिखे पत्र में कहा है कि बड़गड़ प्रखंड के ग्रामीणों ने डाकघर नहीं होने से होने वाली परेशानियों से उन्हें अवगत कराया है. बड़गड़ से निकटतम डाकघर करीब 50 किलोमीटर दूर है. ऐसे में ग्रामीणों को डाक संबंधी जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. इससे खासकर बुजुर्गों, पेंशनभोगियों, छात्रों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को परेशानी होती है. सांसद ने केंद्रीय मंत्री से ग्रामीणों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और बड़गड़ में डाकघर खोलने की व्यवहार्यता की जांच कराने का आग्रह किया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की भी मांग की है.

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डाकघर खुलने से स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा

बड़गड़ में डाकघर खुलने से ग्रामीणों को डाक भेजने, पेंशन और सरकारी योजनाओं से संबंधित डाक प्राप्त करने समेत अन्य डाक सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. स्थानीय लोगों ने सांसद की पहल के लिए आभार जताया है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मांग पर जल्द सकारात्मक कदम उठायेगी.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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