खरीफ खेती का सबसे महत्वपूर्ण समय बीतता जा रहा है, लेकिन डंडई प्रखंड में अब तक सरकारी बीज का वितरण शुरू नहीं हो सका है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से समय पर बीज उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण इलाके के खेत सूने पड़े हैं. आद्रा नक्षत्र बीत चुका है और आषाढ़ माह भी अंतिम चरण में पहुंच गया है, बावजूद इसके किसान सरकारी बीज के इंतजार में बैठे हैं. समय पर बुवाई नहीं होने से इस वर्ष उत्पादन प्रभावित होने की आशंका गहरा गयी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना जतायी गयी है. इसे देखते हुए किसानों को कम पानी में होने वाली फसलें, जैसे मड़ुवा, तिल, अरहर एवं अन्य मोटे अनाज की खेती करने की सलाह दी गयी है. लेकिन जिन फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, उन्हीं फसलों के बीज के वितरण अब तक नहीं हो सका है.
निजी दुकानों से महंगे दाम पर बीज खरीदने को मजबूर हैं किसान
प्रखंड के किसान विवेकानंद कुशवाहा, भोला विश्वकर्मा, चंद्रदेव राम और दिलबर कुमार ने बताया कि सरकारी बीज नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से सक्षम किसान तो निजी दुकानों से महंगे दाम पर बीज खरीदकर किसी तरह बुवाई कर रहे हैं, लेकिन छोटे और गरीब किसान आज भी सरकारी बीज मिलने की आस लगाये बैठे हैं. किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में बीज उपलब्ध नहीं कराया गया तो खरीफ की खेती गंभीर रूप से प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा. किसानों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि प्रखंड कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के कार्यालय में अधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं. किसानों ने बताया कि प्रखंड स्तर पर मिट्टी जांच की व्यवस्था प्रभावी नहीं है और न ही जैविक खाद उपलब्ध कराया जा रहा है.
बीज मिलते ही शुरू कर दी जायेगी वितरण की प्रक्रिया: बीडीओप्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली ने बताया कि बीटीएम सत्येंद्र कुमार माली व प्रभारी कृषि पदाधिकारी रमेश सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड के लिए अरहर का 10 क्विंटल व मक्का का 14 क्विंटल बीज आवंटित हुआ है. बीज प्राप्त होते ही क्लस्टरवार समिति का गठन कर नियमानुसार किसानों के बीच वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.
