सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर बीएनटी सेंट मैरी स्कूल में शोकसभा

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर बीएनटी सेंट मैरी स्कूल में शोकसभा आयोजित की गई। विद्यालय परिवार ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

गढ़वा : झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर सोमवार को बीएनटी सेंट मैरी स्कूल में शोकसभा आयोजित की गयी. विद्यालय परिवार ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.

राज्य ने संवेदनशील जनप्रतिनिधि खोया

प्राचार्य अमित कुमार तिवारी ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असामयिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है. उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ, समर्पित और जनहित के प्रति संवेदनशील जनप्रतिनिधि को खो दिया है. उन्होंने कहा कि स्व. सुदिव्य कुमार सोनू का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा.

प्राचार्य ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य, साहस और संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की.

शोकसभा में विद्यालय के निदेशक उमाकांत तिवारी, प्राचार्य अमित कुमार तिवारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे. सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >