10 माह पहले जय श्री पैलेस से शुरू हुई थी क्लीन गढ़वा मुहिम

गढ़वा में कानून का राज. पिछले साल भी हुई थी शहर के एक होटल में छापेमारी

गढ़वा में कानून का राज. पिछले साल भी हुई थी शहर के एक होटल में छापेमारी – रसूख की दीवारों पर कानून के प्रहार से गढ़वा में बदल रही है ‘सिस्टम’ की सूरत – अब तीन और होटल में छापेमारी कर प्रशासन ने दिखायी सक्रियत वरीय संवाददाता, गढ़वा पिछले साल 3 जून 2025 को जब शहर के जय श्री पैलेस होटल के बाहर पुलिस की गाड़ियां रुकी थीं, तो वह गढ़वा के प्रशासन के लिए एक टर्निंग पॉइंट था. होटल संचालक जय सोनी, मैनेजर अक्षयवर और अरविंद की गिरफ्तारी ने जिस मुहिम की शुरुआत की थी, सोमवार को लगभग 10 माह बाद उसी कड़ी में तीन और होटलों का सील होना यह साबित करता है कि गढ़वा में अब अवैध के लिए कोई जगह नहीं बची है. पिछले कुछ वर्षों में गढ़वा की आबोहवा में कुछ अवैध प्रवृत्तियों ने अपनी जड़ें गहरी जमा ली थीं. लेकिन एसडीएम संजय कुमार की सक्रियता ने इस परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है. आज की कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नियम सबके लिए बराबर हैं. आज फिर से चार होटलों में छापेमारी और तीन को सील करने की कार्रवाई ने उन रसूखदारों की नींद उड़ा दी है, जो सोच रहे थे कि समय बीतने के साथ प्रशासन सुस्त पड़ जायेगा. कुछ दिन पहले ऊचरी में सालों से चल रहे अवैध बूचड़खाने को ध्वस्त करना और शहर में नकली मिठाइयों के धंधे का भंडाफोड़ करना एसडीएम की निडर कार्यशैली की बानगी है. नगर परिषद के भीतर दबे भ्रष्टाचार को उजागर कर उन्होंने यह संदेश दिया कि सरकारी संसाधनों की लूट अब मुमकिन नहीं होगी. सिर्फ कार्रवाई नहीं, सामाजिक चेतना भी जय श्री पैलेस की कार्रवाई के दौरान भी प्रशासन का एक मानवीय चेहरा दिखा था. तब हिरासत में लिए गये 11 लोगों में से जो युवक-युवतियां भटकाव में थे, उन्हें सीधे जेल भेजने के बजाय उनके परिजनों को बुलाकर काउंसलिंग की गयी थी. आज की कार्रवाई भी उसी सुधारात्मक नीति का विस्तार है, जहां प्रशासन का उद्देश्य समाज को गंदगी से मुक्त करना है, न कि केवल जेल की संख्या बढ़ाना. एक समय था जब गढ़वा में बालू के अवैध धंधे और होटलों की आड़ में चल रहे अनैतिक कार्यों को करने वाले लोग इत्मीनान थे, लेकिन एसडीएम संजय कुमार ने अपनी सक्रियता से एसडीएम पद का इकबाल बुलंद किया है. बालू माफियाओं पर लगाम कसने से लेकर अनैतिक अड्डों को सील करने तक, प्रशासन ने यह तय कर दिया है कि गढ़वा अब कानून के राज से चलेगा. आज जब तीन और होटलों पर सरकारी ताला जड़ा गया है, तो यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गढ़वा की जनता के लिए भरोसा है. यह कार्रवाई उस ””””””””क्लीन गढ़वा”””””””” अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत पिछले साल हुई थी. प्रशासन की यह स्ट्राइक उन सभी के लिए चेतावनी है जो व्यवसाय की आड़ में कानून की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे

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By Akarsh aniket

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