चिनिया को बाल मजदूर मुक्त बनाया जायेगा

चिनिया को बाल मजदूर मुक्त बनाया जायेगा

चिनिया.

स्थानीय प्रखंड सभागार मे मंगलवार को जन साहस संस्था एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के संयुक्त तत्वाधान में बीडीओ सुबोध कुमार की अध्यक्षता में जागरूकता शिविर सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमेें मुख्य रूप से पलायन, मानव तस्करी एवं बाल मजदूरी सहित मजदूरों की विभिन्न चुनौतियों को लेकर चर्चा की गयी. इस अवसर पर मुख्य रूप से बीडीओ सुबोध कुमार, थाना प्रभारी अमित कुमार, पीएलवी गोपाल चौबे, राम प्रताप सिंह, मदन दीप कुमार यादव, दिलीप कुमार सिंह व प्रखंड प्रमुख सुनैना देवी सहित पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रवासी मजदूरों ने अपने अनुभव साझा किये. इस अवसर पर जन साहस संस्था के जिला समन्वयक जहूर अंसारी ने प्रवासी मजदूरों का पंचायत में पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया. बीडीओ श्री कुमार ने मजदूरों के प्रकार, उनका भुगतान प्रक्रिया एवं मजदूरी दर की जानकारी दी. साथ ही जन साहस संस्था को अपेक्षित सहयोग करने का आश्वासन दिया. उन्होंने अपने प्रखंड को बाल मजदूर मुक्त बनाने के लिए आश्वस्त किया. इस अवसर पर थाना प्रभारी अमित कुमार ने भी मजदूरों को कानूनी प्रक्रिया एवं सुरक्षा में यथासंभव सहयोग करने तथा बाल मजदूरों को चिह्नित कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. प्रमुख सुनैना देवी ने प्रवासी मजदूरों के साथ होने वाले परेशानियों और उसका समाधान करने में संस्था को सहयोग का आश्वासन दिया. कार्यशाला में उपस्थित मुखिया ने अपने-अपने पंचायतों में प्रवासी मजदूरों का निबंधन करने और श्रम विभाग से पत्राचार कर कैंप आयोजित करने के लिए सहमति बनायी. इस अवसर पर संस्था के संतोष पासवान, अनील कुमार एवं काजल रानी ने प्रवासी मजदूरों के लिए झारखंड सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. कार्यशाला में उपस्थित मजदूरों ने भी अपनी चुनौतियों पर बात की.

उपस्थित लोग : मौके पर रवि प्रसाद, चिंता देवी वार्ड सदस्य, प्रवासी मजदूर विनय यादव, फूलपति कुंवर, कलावती देवी, बिपत सिंह, रामजी साव, मनोज कोरवा, बिफन परहिया आदि ने अपनी-अपनी समस्याओं का बताया. इस अवसर पर उप प्रमुख फारुक अहमद, प्रखंड सहायक नुमान अंसारी, अधिराज टोप्पो, कनीय अभियंता सुकेश कुमार, अंचल निरीक्षक विनय कुमार, एएसआइ संतोष कुमार, अरुण कुमार, मिथिलेश कुमार व कमलेश कुमार कोरवा सहित काफी लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANJAY

SANJAY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

नगर निकाय चुनाव में नहीं चला विधानसभा का गणितगढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस व राजद को उम्मीद से कम मिले मत- अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने चौंकाया- पिछले मत प्रतिशत को बरकरार नहीं रख सके बड़े दलपीयूष तिवारी, गढ़वागढ़वा नगर परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों को मिले मतों और उनके जीत-हार के समीकरणों की चर्चा शहर के नुक्कड़ों और चौक-चौराहों पर तेज हो गयी है. बिना किसी दल और बड़े नेताओं के समर्थन के दौलत सोनी की अध्यक्ष पद पर जीत ने सभी को चौंका दिया है. इस चुनाव में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाजपा जैसे बड़े दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. लेकिन परिणामों ने इन दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. करीब 15 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन दलों को जो मत मिले थे, उन्हें वे अपने समर्थित प्रत्याशियों के माध्यम से बरकरार नहीं रख सके. सबसे खराब स्थिति भाजपा की रही है. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा शहर के 33 बूथों में से 30 बूथों पर पहले स्थान पर रही थी. शहरी क्षेत्र से पार्टी को 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे. इसके विपरीत नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मात्र 2582 मत मिले. यदि भाजपा के बागी प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय को मिले 2701 मत भी जोड़ दिये जाएं, तो कुल आंकड़ा लगभग 5300 तक ही पहुंचता है. यह संख्या विधानसभा चुनाव में मिले मतों की तुलना में काफी कम है.पिछले निकाय चुनाव के मत भी नहीं बचा सकी भाजपावर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव में अलखनाथ पांडेय की पत्नी मीरा पांडेय ने भाजपा के टिकट पर उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था. उन्हें 6899 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले विनोद जायसवाल (2026 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पति) को 3810 मत प्राप्त हुए थे. वर्तमान चुनाव में ये दोनों ही परिवार अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. न तो विधानसभा चुनाव में मिले मतों को बरकरार रख पाये और न ही पिछले निकाय चुनाव के आंकड़े तक पहुंच सके.झामुमो और कांग्रेस का गठजोड़ भी नहीं दिला सका जीतगढ़वा नगर परिषद चुनाव में झामुमो ने संतोष केसरी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया. दो बड़े दलों के समर्थन के बावजूद संतोष केसरी को मात्र 3790 मत प्राप्त हुए. वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में महिला आरक्षित सीट होने के कारण संतोष केसरी की पत्नी पिंकी केसरी अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं. तब उन्हें 6411 मत मिले थे और वे भाजपा प्रत्याशी थीं. उसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमर सफदर को केवल 420 मत प्राप्त हुए थे. दोनों दलों को उम्मीद थी कि संयुक्त रूप से वे करीब सात हजार मत प्राप्त कर संतोष केसरी को जीत दिला देंगे. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो सकी.54 मतों से हारने वाली अनिता दत्ता को इस बार केवल 215 मतवर्ष 2018 के नगर परिषद चुनाव में झामुमो की प्रत्याशी अनिता दत्ता को 6357 मत मिले थे. वे मात्र 54 मतों के अंतर से पिंकी केसरी से हार गयी थीं. इस बार अनिता दत्ता को किसी दल का समर्थन नहीं मिला और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं. लेकिन उन्हें केवल 215 मतों से ही संतोष करना पड़ा.राजद भी पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफलनगर परिषद चुनाव 2026 में राजद ने विकास माली को समर्थन दिया. विकास माली को 1222 मत प्राप्त हुए. जबकि वर्ष 2018 के चुनाव में राजद समर्थित प्रत्याशी मनिका नारायण को 5117 मत मिले थे. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राजद प्रत्याशी मो शमीम को 2018 में 3728 मत प्राप्त हुए थे. कुल मिलाकर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने दलों की बजाय प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी. बड़े दलों की रणनीति और पुराने मत प्रतिशत इस चुनाव में कारगर साबित नहीं हुए.

जमीन विवाद में हुई थी विक्रेता की हत्या, तीन शूटर गिरफ्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

फर्जी दस्तावेज पर बनवाये गये प्रमाण पत्र रद्द

यह भी पढ़ें >