Garhwa News: तीन दशक में बस स्टैंड की बदली तस्वीर, बारिश ने खोल दी व्यवस्था की पोल

गढ़वा के नवनिर्मित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में पहली बारिश ने ही व्यवस्था की पोल खोल दी है. जलजमाव से यात्रियों को हो रही भारी परेशानी, प्रशासन से समाधान की मांग.

गढ़वा. गढ़वा शहर के सोनपुरवा स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड का इतिहास करीब तीन दशक का है. जिला बनने के बाद परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को देखते हुए 1993 में तत्कालीन उपायुक्त एसके सत्पथी की पहल पर यहां बस स्टैंड की शुरुआत हुई थी. समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और यात्रियों व बसों की संख्या बढ़ती गयी. इसके बाद पुराने बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया. सोनपुरवा में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण कराया गया.

नवनिर्मित बस स्टैंड का उदघाटन तीन मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया था. इसी दिन समाहरणालय भवन, बिरसा मुंडा हेलीपैड पार्क, फुटबॉल स्टेडियम और टाउन हॉल समेत पांच बड़ी योजनाओं का उदघाटन हुआ था. बस स्टैंड सहित इन योजनाओं के निर्माण में तत्कालीन मंत्री मिथिलेश ठाकुर की सक्रिय पहल बतायी गयी थी. नये बस स्टैंड में एक साथ 20 बसों के ठहराव की व्यवस्था की गयी है. मुख्य भवन, टिकट काउंटर और पूछताछ कार्यालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करायी गयी हैं. तीन राज्यों की सीमा से जुड़े गढ़वा के लिए यह बस स्टैंड बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है.

31 अगस्त की बारिश ने उठाये सवाल

31 अगस्त 2026 को हुई मूसलधार बारिश के बाद बस स्टैंड परिसर में जलजमाव हो गया. परिसर में पानी जमा होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कितनी मजबूत है, इसकी समीक्षा जरूरी है. मामला सिर्फ एक दिन के जलजमाव का नहीं है. सामान्य से अधिक बारिश होने पर यदि बस स्टैंड परिसर में पानी जमा होता है, तो इससे यात्रियों की आवाजाही, बसों के परिचालन, स्वच्छता और भवन की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है.

सुंदर भवन के साथ जरूरी है स्थायी जल निकासी

1993 में शुरू हुआ बस स्टैंड 2024 में आधुनिक अंतरराज्यीय बस स्टैंड के रूप में विकसित हुआ. अब 31 अगस्त की बारिश ने इसके रखरखाव और जल निकासी व्यवस्था को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है. यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी है कि जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाये. लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन सिर्फ पानी हटाने तक सीमित न रह कर नालियों, जल निकासी मार्ग और पूरे परिसर की व्यवस्था की तकनीकी जांच कराये, ताकि अगली तेज बारिश में यात्रियों और बस संचालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

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By Avinash singh

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