किसी भी शहर का चेहरा होता है बस स्टैंड, इसे सुव्यवस्थित रखें : एसडीएम

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को कॉफी विद एसडीएम कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

किसी भी शहर का चेहरा होता है बस स्टैंड, इसे सुव्यवस्थित रखें : एसडीएम

प्रतिनिधि, गढ़वा

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को कॉफी विद एसडीएम कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस नियमित साप्ताहिक संवाद शृंखला की मेज़बानी अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने की. इस सप्ताह के सत्र में गढ़वा के बस मालिकों और बस एजेंटों को आमंत्रित किया गया था. कार्यक्रम में कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद गढ़वा सुशील कुमार भी उपस्थित रहे. बस मालिकों और बस स्टैंड से जुड़े एजेंटों ने एसडीएम के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे. वहीं, बस मालिकों ने भी अपने-अपने मुद्दे साझा किए. एसडीएम संजय कुमार ने सभी की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि प्रशासन भविष्य में भी सभी हितधारकों की बातों को प्राथमिकता के साथ सुनेगा और उनके समाधान के लिए तत्पर रहेगा.

बस स्टैंड में यात्री सुविधा बहाल हो : बस एसोसिएशन

इस संवाद कार्यक्रम के दौरान ज्यादातर बस संचालकों ने कहा कि बस स्टैंड का नवनिर्माण जरूर हुआ है, किंतु यहां न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की घोर कमी है. उन्होंने यहां पर सार्वजनिक शौचालय, पेयजल के साथ-साथ यात्री शेड की जरूरत बतायी. बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसडीएम से कहा कि वे नियमित तौर से नगर परिषद की सैरात के अनुरूप निकाय शुल्क अदा करते हैं. लेकिन यहां यात्रियों को बैठने के लिए एक कुर्सी भी नहीं है. उक्त शिकायत के आलोक में एसडीएम ने मौके पर मौजूद कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को यथाशीघ्र उक्त यात्री सुविधा बहाल करने हेतु नियमानुसार पहल करने का निर्देश दिया.

गढ़वा में यूपी और छत्तीसगढ़ की बसों का अवैध संचालन बंद हो

बस संचालकों ने एसडीएम के समक्ष अपनी परेशानी रखते हुए बताया कि गढ़वा बस स्टैंड में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से अनधिकृत तौर से बड़ी संख्या में बसें आती हैं. जहां उत्तर प्रदेश से आने वाली सभी बसें जिले के अंदर अवैध तरीके से घुसती हैं, वहीं छत्तीसगढ़ से आने वाली बसें बिना काउंटर साइन परमिट के प्रवेश करती हैं, बस मालिकों ने इस विषय को लेकर गंभीरता से कार्रवाई करने का अनुरोध किया.

अनाधिकृत संचालन और टाइम टेबल उल्लंघन से होता है संघर्ष

राधे-राधे बस सर्विस के प्रोपराइटर रुद्र प्रताप सिंह और विशाल बस सर्विस के मालिक रविंद्र गुप्ता सहित लगभग सभी स्थानीय बस मालिकों ने गंभीर शिकायत की कि जहां अन्य राज्यों की अवैध बसें हमारे बस स्टैंड में प्रवेश करने पर स्थानीय बस संचालक विरोध करते हैं, वही टाइम टेबल का अनुपालन न करने पर उल्लंघन कर्ताओं की प्रति एजेंटों में आक्रोश पैदा होता है, फलस्वरुप आये दिन वहां पर विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती रहती है. ऐसे में प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए. संजय कुमार ने कहा कि चूंकि यह मामला विधि व्यवस्था से जुड़ा हुआ है इसलिए वे इस पर ठोस कार्रवाई करेंगे.

अवैध टेंपो और कमांडर वाहनों पर लगाम लगे

बस संचालकों ने बताया कि बस स्टैंड के सामने ही अवैध रूप से टेंपो और जीपों का जमावड़ा रहता है. इन लोगों को लोकल में ही चलना चाहिए. किंतु ये लोग बस वालों से कंपटीशन करते हैं और कई बार तो इस प्रतिस्पर्द्धा में बस वालों के साथ लड़ाई झगड़ा भी करते हैं. बस मालिकों ने अपना दर्द सुनाते हुए कहा कि वे लोग परमिट लेकर सरकार को राजस्व देते हैं, लेकिन बिना परमिट और बिना कागजों के चलने वाले टेंपो और कमांडर उनको व्यावसायिक नुकसान पहुंचा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की बसें निर्धारित रूट पर चलें

बैठक में संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत संचालित वाहन अपने रूट पर ना चलकर अन्य वाहनों के परंपरागत रूप पर चल रहे हैं. इस पर एसडीएम ने ग्राम गाड़ी योजना से जुड़े संचालकों को निर्देश दिया कि उक्त कल्याणकारी योजना इसीलिए लायी गयी थी, ताकि दूर दराज के गांव देहात के लोग भी शहर तक के सुगम यातायात सुविधा का लाभ ले सकें. इसलिए वे उन्हीं मार्गों पर अपने वाहन चलायें. मार्ग विचलन की स्थिति में उन पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं ग्राम गाड़ी योजना से जुड़े संचालकों ने कहा कि बस स्टैंड में उनकी बसों को घुसने नहीं दिया जाता है.

एसडीएम के साथ संवाद से आशान्वित दिखे बस संचालक

बस संचालक मंसूर खान, सुमन द्विवेदी, संतोष कुमार सिंह, कृष्ण विजय सिंह, राजकुमार पांडे आदि ने कहा कि यह पहला अवसर है, जब किसी एसडीएम ने समस्या एवं सुझाव रखने के लिए अपने यहां इतने आत्मीय माहौल में आमंत्रित किया है. उन्हें एक आशा जरूर जगी है कि अब बस स्टैंड में कुछ ना कुछ सकारात्मक बदलाव जरूर होगा.

मौके पर ये थे उपस्थित

इस संवाद कार्यक्रम में संतोष बस सर्विस, चुनु राज बस सर्विस, शिवोत्तम बस सर्विस, विशाल बस सर्विस, बाबा भोलेनाथ बस सर्विस, रोहित बस सर्विस, जेपीएस, रिलायंस, रजनीगंधा, आरके ट्रैवल्स, हरिहरपुर बस सर्विस, बदन बस सर्विस, दुबे बस सर्विस, पूर्णिमा ट्रैवल्स, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना आदि के संचालकों और एजेंटों की मौजूदगी रही. जिसमें विशेष रूप से निरंजन कुमार दुबे, अशोक प्रसाद, विशाल पासवान, मनीष कुमार , विनय प्रजापति, सत्येंद्र कुमार सिंह, मंजूर खान, संतोष कुमार सिंह , सलाउद्दीन खान, अलीराज खान, सुधीर चौबे, संतोष तिवारी, विनय प्रजापति आदि ने अपने विचार रखे. संवाद में आए सुझाव और शिकायतों पर यथोचित पहल करने का भरोसा एसडीएम की ओर से दिया गया.

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Published by: Deepak

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