प्रभाष मिश्रा, गढ़वा गढ़वा सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है. एक ओर सरकार और स्वास्थ्य विभाग लोगों को अधिक से अधिक रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ब्लड बैंक में मूलभूत सुविधाओं का अभाव रक्तदाताओं और मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है. भीषण गर्मी के बीच ब्लड बैंक के एसी और पंखें महीनों से खराब पड़े हैं. ऐसे में रक्तदाताओं को उमस और गर्म वातावरण में रक्तदान करना पड़ रहा है. रक्तदान के बाद आराम और ठंडक की आवश्यकता होती है, लेकिन यहां इसकी भी समुचित व्यवस्था नहीं है. मामला सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं है. रक्त संग्रह के दौरान ब्लड बैग का वजन और खून की निर्धारित मात्रा की निगरानी करने वाली आवश्यक मशीन भी उपलब्ध नहीं है. मशीन नहीं होने के कारण ब्लड बैग को जमीन पर रखकर अनुमान के आधार पर भरा जा रहा है, जो स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप नहीं माना जाता.
नियमित रक्तदाता अतुलधर दुबे ने ब्लड बैंक की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोग समाज को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन यहां की व्यवस्था निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि न पंखे चल रहे हैं और न ही एसी. ऐसे माहौल में यदि किसी रक्तदाता की तबीयत बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोग गर्मी में रक्तदान केंद्र आने से हिचक रहे हैं. इससे आने वाले दिनों में ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ सकती है. जानकारी के अनुसार, ब्लड बैंक की समस्याओं से संबंधित अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
ब्लड बैंक में फंड नहीं होने के कारण काफी परेशानी हो रही है. फरवरी माह से ही पैसों का अभाव बना हुआ है. इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है. फंड आवंटित होते ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जायेगा.
डॉ. वीरेंद्र कुमार, प्रभारी, ब्लड बैंक