प्रतिनिधि, रंका
रंका प्रखंड के खपरो में एसआइआर फार्म भरने के एवज में ग्रामीणों से 'खर्चा-पानी' (अवैध राशि) मांगने का मामला सामने आया है. यहां की बीएलओ जमीला बीबी पर प्रति फार्म 20 से 50 रुपये तक वसूलने का आरोप लगा था. राशि नहीं देने पर ग्रामीणों के फार्म स्वीकार नहीं किये जा रहे थे. इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक जांच में इसकी पुष्टि हो गयी है. इसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बीएलओ को आंगनबाड़ी सेविका के पद से चयन मुक्त कर दिया है. वहीं वायरल वीडियो के संबंध में पूछे जाने पर बीएलओ जमीला बीवी ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया था और उन्होंने दलील दी थी कि एआइ के उपयोग से उनका फर्जी वीडियो बनाया गया था.
बीडीओ की जांच में पुष्टि, उपायुक्त ने की कार्रवाई
मामला तूल पकड़ने पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने कहा था कि मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. प्रशासनिक जांच में वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोप पूरी तरह सही पाये गये. जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बीएलओ जमीला बीबी को आंगनबाड़ी सेविका के पद से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है.
