गैस संकट से जूझ रहा भवनाथपुर का होटल व्यवसाय, डीजल चूल्हे बना सहारा

गैस संकट से जूझ रहा भवनाथपुर का होटल व्यवसाय, डीजल चूल्हे बना सहारा

विजय सिंह, भवनाथपुर भवनाथपुर में कमर्शियल गैस की लगातार बढ़ती कीमतों और घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण में लागू नये नियमों ने छोटे व्यवसायियों, खासकर होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गैस की कमी और अनिश्चित आपूर्ति के कारण होटल व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है. इससे निपटने के लिए अब कई व्यवसायी वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेने को मजबूर हैं. भवनाथपुर में छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट मिलाकर करीब तीन दर्जन लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं. गैस संकट के चलते अब तक एक दर्जन से अधिक होटल बंद हो चुके हैं. जो होटल संचालित हैं, वे कोयला और लकड़ी के सहारे काम चला रहे हैं. हालांकि कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने और आपूर्ति प्रभावित होने के बाद कोयला तथा लकड़ी भी महंगी हो गयी है. होटल संचालकों के अनुसार पांच माह पहले तक कोयला 10 रुपये प्रति किलो मिलता था, जो अब 12 रुपये प्रति किलो हो गया है. वहीं पहले 300 रुपये में तीन बोझा लकड़ी मिलती थी, जिसके लिए अब 400 से 450 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. इसी संकट के बीच अनुराज होटल के संचालक अवधेश सिंह उर्फ नीलू सिंह ने डीजल संचालित चूल्हे का उपयोग शुरू किया है. उनका कहना है कि होटल का काम प्रभावित न हो, इसलिए उन्होंने यह विकल्प अपनाया. यह चूल्हा एक घंटे में लगभग एक लीटर डीजल की खपत करता है और गैस सिलेंडर की तुलना में खर्च भी कम पड़ता है. इसके लिए गैस एजेंसी या लंबी कतारों पर निर्भर रहने की जरूरत भी नहीं होती. क्या कहते हैं संचालक घरेलू गैस की अनिश्चित आपूर्ति और कमर्शियल गैस के बढ़ते दाम के कारण होटल चलाना मुश्किल हो गया था. ग्राहकों की सुविधा और व्यवसाय को बचाने के लिए डीजल से चलने वाले चूल्हे का उपयोग शुरू किया गया है. इसकी आंच तेज होती है और कम समय में नाश्ता व भोजन तैयार हो जाता है. अवधेश सिंह, संचालक, अनुराज होटल ……………… रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति और कमर्शियल गैस की बढ़ी कीमतों से व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है. कच्चा सामान भी महंगा हो गया है. पांच महीने पहले जो कोयला 10 रुपये किलो मिलता था, वह अब 12 रुपये किलो हो गया है. यदि यही स्थिति बनी रही तो होटल बंद करने की नौबत आ सकती है. गोविंद चंद्रवंशी, होटल संचालक, भवनाथपुर …………… कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के साथ अब इसकी उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन गई है. फिलहाल लकड़ी के सहारे होटल चलाना पड़ रहा है, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है और पूरा बजट प्रभावित हो गया है. अजय सोनी, होटल संचालक, टाउनशिप ……………….. फैक्ट सीट – भवनाथपुर क्षेत्र में एचपी गैस के लगभग 10 हजार उपभोक्ता हैं – एचपी गैस के पांच कमर्शियल उपभोक्ता – भवनाथपुर में भारत गैस के 1376 उपभोक्ता – इलाके में भारत गैस के कुल 20 कमर्शियल उपभोक्ता हैं

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Author: Akarsh Aniket

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