मझिआंव. बरडीहा प्रखंड के बरछाबांध में 20 एकड़ जमीन को लेकर पांच भाइयों के बीच पिछले 12 वर्षों से चले आ रहे विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक पहल शुरू हुई है. जमीन विवाद के कारण 12 वर्षों से खेती बंद थी. मामला थाने से लेकर सिविल कोर्ट तक पहुंच चुका था. आपसी लड़ाई में लाखों रुपये खर्च होने के साथ लाखों रुपये के उत्पादन का नुकसान भी हो चुका है.
ग्रामीणों के आग्रह पर शुरू हुई पहल
जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह सुबह पैदल भ्रमण पर निकले थे. इसी दौरान ग्रामीणों ने उनसे पांच भाइयों के बीच चल रहे जमीन विवाद के समाधान का अनुरोध किया. इसके बाद सीओ प्रवीण कुमार सिंह इंजीनियर अनिल कुमार चौधरी और अंचल अमीन अमलेश यादव के साथ बरछाबांध पहुंचे और बैठक शुरू की.
पंच के फैसले पर पांचों भाइयों की सहमति
बैठक में पांचों भाइयों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि पंच जो भी निर्णय लेगा, वह उन्हें मंजूर होगा. इसके बाद जमीन की मापी का कार्य शुरू कर दिया गया है. कुल 20 एकड़ जमीन की मापी और बंटवारे में चार से पांच दिनों का समय लग सकता है. इसके बाद अंतिम बैठक कर विवाद का निपटारा किया जाएगा.
बंटवारे के बाद अलग-अलग होगी होल्डिंग
अंचल अधिकारी ने बताया कि बंटवारे के बाद सभी की होल्डिंग अलग कर दी जाएगी और अलग-अलग रसीद काटी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है. कोर्ट-कचहरी के चक्कर में समय और धन खर्च करने के बजाय आपसी भाईचारे से विवाद का समाधान निकाला जा सकता है.
