प्रतिनिधि, कांडी
गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने शनिवार को कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) का औचक निरीक्षण किया. साथ ही उन्होंने कांडी बाजार स्थित ओम मेडिकल हॉल का भी निरीक्षण किया, जहां गुरुवार को झोलाछाप चिकित्सक रंजीत कुमार मेहता के इलाज से एक छह वर्षीय बच्ची ब्यूटी कुमारी की मौत हो गयी थी. मेडिकल हॉल पहुंचकर डीसी ने पूरे मामले की जांच की. मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कांडी थाना प्रभारी मोहम्मद अशफाक आलम को आरोपी झोलछाप चिकित्सक को अविलंब गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. इसके बाद उपायुक्त बातो खुर्द पहुंचे, जहां उन्होंने मृत बच्ची के परिजनों से मुलाकात की. बच्ची की मां रेनू देवी और पिता निरंजन गुप्ता ने पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त दी. उपायुक्त ने परिजनों से कहा कि इस घटना की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच करायी जायेगी और दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के अनुसार त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया. इस संबंध में उन्होंने मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया. इस दौरान सिविल सर्जन डॉ जान एफ कैनेडी, डॉ गोविंद सेठ, सत्येंद्र पांडे, समाजसेवी शशांक शेखर, विजय राम सहित कई अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
स्वास्थ्य केंद्र में कई कर्मी अनुपस्थित मिले
कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाये गये, जिस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जतायी. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ बिनोद सिंह से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों की दैनिक संख्या व स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा मरीजों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.किसी भी बीमारी का इलाज मान्यता प्राप्त चिकित्सकों से ही करायें
उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि लोग छोटी हो या बड़ी, किसी भी बीमारी का इलाज केवल सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों या मान्यता प्राप्त डॉक्टरों से ही कराये. बिना डिग्री वाले झोलाछाप डॉक्टरों के झांसे में न आयें. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों व सहियाओं को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है. इस जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जायेगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो सके.
