पार्क निर्माण के लिए मनमाने तरीके सेे किया स्थल परिवर्तन, मापी पुस्तिका में भी गड़बड़ी

एसडीओ व विशेष प्रमंडल के अभियंता के जांच में हुआ खुलासा

एसडीओ व विशेष प्रमंडल के अभियंता के जांच में हुआ खुलासा पीयूष तिवारी, गढ़वा गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को नगर विकास व आवास विभाग झारखंड की ओर से शोकॉज किया गया है. उन्हें यह कार्रवाई पार्क निर्माण में स्थल परिवर्तन और कार्य से अधिक मापी पुस्तिका (एमबी) तैयार करने की अनियमितताओं के मामले में की गयी है. नगर विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अतुल कुमार ने शोकॉज लेटर जारी किया है. इस मामले की जांच तात्कालीन उपायुक्त दिनेश कुमार यादव के निर्देश पर गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल-दो के अभियंता ने संयुक्त रूप से की थी. जांच में विभिन्न गड़बड़ियां पायी गयीं, जिनकी रिपोर्ट अग्रेतर कार्रवाई के लिए गढ़वा तत्कालीन उपायुक्त दिनेश यादव को समर्पित की गयी थी. उपायुक्त ने इस रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास विभाग को दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इसी के आलोक में कार्यपालक पदाधिकारी से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है कि ये विसंगतियां किन परिस्थितियों में हुई और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाये. क्या है पूरा मामला गढ़वा शहर के वार्ड नंबर 19, टंडवा मुहल्ले में लगभग 75 लाख रुपये की लागत से पार्क निर्माण होना था. इसकी प्रशासनिक स्वीकृति 14 मार्च 2024 को मिली थी. लेकिन पार्क का निर्माण टंडवा मुहल्ले के बजाय शहर के दूसरे छोर में, इंपोरियम भवन परिसर (वार्ड संख्या 12) में कर दिया गया. कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्थान परिवर्तन के लिए तात्कालीन उपायुक्त से मौखिक स्वीकृति ली थी. पूर्व उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई आदेश या स्वीकृति नहीं दी थी. जांच में यह भी पाया गया कि पार्क निर्माण के दौरान 27 लाख रुपये की मापी पुस्तिका तैयार की गयी, जबकि वास्तविक कार्य उससे बहुत कम था. पुरानी चहारदीवारी को ही नया दिखाया स्थान परिवर्तन कर बनाये जा रहे इस पार्क निर्माण में पुराने बाउंड्रीवाल को ही प्लस्टर आदि कर नया स्वरूप दिया गया है. इंपोरियम भवन कैंपस में पहले से ही बाउंड्रीवाल बना हुआ था, जो सही स्थिति में भी था. प्राक्कलन के अनुसार पार्क निर्माण के दौरान दो फीट उंचे बाउंड्रीवाल व उसके उपर रेलिंग का निर्माण किया जाना था. लेकिन इसी पुराने बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराकर उसका रंगरोगन कर नया स्वरूप दे दिया गया है. पार्क में क्या-क्या बनाना है – बाउंड्रीवाल : पूरी लंबाई में दो फीट ऊंची दीवार और उसके ऊपर रेलिंग निर्माण. -शौचालय – महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था. -गार्ड रूम – सुरक्षा गार्ड के लिए कमरे की व्यवस्था. – दीवार के अंदरूनी और बाहरी घेरे में रास्ते का निर्माण -विद्युत कक्ष- बिजली के उपकरणों व सामान रखने के कमरे का निर्माण – पीने के पानी की व्यवस्था. – बच्चों के लिए खेलने का क्षेत्र. -ओपन जिम और योग स्थान – ध्यान/मेडिटेशन केंद्र – कूड़ेदान की व्यवस्था – बैठने के लिए बेंच का निर्माण -जलपान प्लाजा- नाश्ते या जलपान के लिए स्थल का निर्माण -गजेबो- बैठने के लिए छतरीनुमा मंडप निर्माण. – बगीचा- बागवानी के उद्देश्य से हरित क्षेत्रों की व्यवस्था

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By Akarsh aniket

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