केतार. प्रखंड क्षेत्र के ताली गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका अमृता विश्वकर्मा के जेल जाने के बाद केंद्र पिछले कई दिनों से बंद पड़ा हुआ है. इससे केंद्र में नामांकित बच्चों को सरकार द्वारा दी जाने वाली पोषण, शिक्षा एवं अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है. जानकारी के अनुसार 27 मई की रात अमृता विश्वकर्मा के पति ऋषभ विश्वकर्मा का शव भवनाथपुर स्थित उनकी वेल्डिंग दुकान में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला था. मामले में मृतक के पिता अवधेश विश्वकर्मा ने पुत्रवधू अमृता विश्वकर्मा एवं उसके मायके पक्ष के लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके बाद भवनाथपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात जून को अमृता विश्वकर्मा समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मामले में पूछे जाने पर सीडीपीओ नंदजी राम ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र को निकटवर्ती आंगनबाड़ी केंद्र के साथ टैग करने की प्रक्रिया की जायेगी, ताकि बच्चों की शिक्षा एवं पोषण संबंधी सुविधाएं बाधित न हो.
आंगनबाड़ी सेविका के जेल जाने से केंद्र बंद, बच्चों की पढ़ाई बाधित
आंगनबाड़ी सेविका के जेल जाने से केंद्र बंद, बच्चों की पढ़ाई बाधित
