प्रतिनिधि, गढ़वा
जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में ओवरलोड स्कूली वाहनों और ऑटो पर विशेष चिंता जतायी गयी. उपायुक्त ने कहा कि क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन चलाना उनकी जान जोखिम में डालना है. जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा ने बताया कि अधिकांश स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा चुके हैं. उपायुक्त ने स्कूल प्रबंधन को नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल की बसों में ओवरलोडिंग करने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
ड्रिंक एंड ड्राइव पर तकनीक से होगी कार्रवाई डीटीओ धीरज प्रकाश ने बताया कि पुलिस को जल्द ही ब्रेथ एनालाइजर, स्पीड गन, इ-चालान के लिए पीओएस मशीन और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे. इन उपकरणों की मदद से शराब पीकर वाहन चलाने वालों और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जायेगी. इससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है.
ब्लैक स्पॉट की नियमित निगरानी करने का निर्देशबैठक में जिले के सभी दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया. थाना प्रभारियों को ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट और नाबालिग चालकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने को कहा गया. राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 और आपातकालीन सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जायेगा. साथ ही शंखा-खजूरी सड़क, गढ़वा-चिनियां मोड़ से समाहरणालय तक सड़क निर्माण और सहिजना मोड़ से दानरों नदी तक जल निकासी कार्य की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने गुणवत्तापूर्ण और समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
थानों में उपलब्ध करायें फर्स्ट एड किटसिविल सर्जन को सभी थानों और पीसीआर वैन में फर्स्ट एड किट व जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध कराने और पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल सहायता मिल सके. बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, डीटीओ धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
