गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज जहां हर तरफ प्रकृति के संरक्षण की चर्चा हो रही है, वहीं झारखंड के गढ़वा जिले में इसे धरातल पर उतारा जा रहा है. जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से संचालित ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान अब सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं रहा, बल्कि यह पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन चुका है.
एसडीएम की पहल से शुरू हुआ अभियान
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार के आह्वान पर शुरू हुआ यह अभियान आज एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है. आज के दौर में जब नदियां अतिक्रमण और प्रदूषण का दंश झेल रही हैं, गढ़वा का यह मॉडल न सिर्फ एक उदाहरण है, बल्कि अब यह रिसर्च का विषय भी बन गया है. इस सफल कोशिश की गूंज अब राज्य के दूसरे हिस्सों में भी सुनाई देने लगी है. लोग ‘सरस्वतिया नदी’ के जनआंदोलन का उदाहरण देकर अपने-अपने इलाकों में भी नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन की मांग उठाने लगे हैं.
स्थानीय लोगों और संगठनों की सक्रिय भागीदारी
गढ़वा शहर के नवादा क्षेत्र में नदी की सफाई का काम किया गया. नदी क्षेत्र में जमा गाद, भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली गई. अभियान के 11वें दिन गढ़वा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष बबलू पटवा और पेट्रोल पंप संचालिका अनु दुबे के मदद से जेसीबी मशीन की व्यवस्था की गई. स्थानीय नागरिकों ने भी तेज धूप की परवाह किए बिना जोश के साथ भागीदारी निभाई और नदी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की.
मेराल में भी दिख रहा जनसहयोग का असर
मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग का काम लगातार पांचवें दिन जारी रहा. प्रभारी बीडीओ सह अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों के श्रमदान से अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. नदी क्षेत्र से गाद और अवरोधों के हटने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह धीरे-धीरे पुनर्जीवित होने लगा है.
एसडीएम ने क्या कहा?
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि गढ़वा और मेराल दोनों क्षेत्रों में लोगों का सहयोग इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि समाज अपनी प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए खुद आगे आ रहा है. उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया. प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग और अतिक्रमण हटाने तक यह अभियान जारी रहेगा.
लोगों से अपील
एसडीएम ने पर्यावरण दिवस के मौके पर आम लोगों से अपील की है कि वे नदी क्षेत्र में कचरा बिल्कुल न फेंकें. स्वच्छता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित और अविरल रखा जा सके.
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