वंशीधर नगर. इंसेफलाइटिस नामक बीमारी कि रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों मे बच्चें को दिये जाने वाले इंजेक्शन का विरोध कुछ शिक्षक, ग्रामीण व बच्चों द्वारा किया जा रहा है. मंगलवार को प्रखंड के नयाखाड़ ग्राम स्थित हॉली क्रास उवि पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्यों को विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के विरोध का सामना करना पड़ा. टीम के सदस्यों ने बताया कि शिक्षकों का कहना था कि फादर के इजाजत के बिना बच्चों को कोई इंजेक्शन नहीं लगाने दिया जायेगा.
कुंबाखुर्द के फुटहा बांध स्थित विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र तिर्की ने टीम के सदस्यों को बच्चों को इंजेक्शन देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि यदि एक भी बच्चा को इंजेक्शन पड़ा, तो कल से मेरा विद्यालय बंद हो जायेगा. अंत में टीम के सदस्यों ने चौधरी टोला मे बैठक कर 90 बच्चों को मस्तिष्क ज्वर से बचाव के लिए इंजेक्शन दिया. टीम मे एमपीडब्लू राजेश कुमार, एएनएम बिंपी कुमारी, रंजना कुमारी, रंजु कुमारी व निर्मला कुमारी शामिल थे.
इधर अफवाह है कि इंजेक्शन लेने के बाद बच्चों मे नपुंसकता कि स्थिति बन जायेगी. इस डर से इन दिनों विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है. वहीं विभाग द्वारा इस अफवाह के विरुद्ध किसी तरह का जागरूकता अभियान नहीं चलाया जा रहा है. ग्रामीणों में जागरूकता की कमी के कारण विरोध कि स्थिति उत्पन्न हो रही है.
