गढ़वा : पिछले शनिवार को आये तूफान में बरडीहा प्रखंड के ओबरा गांव निवासी उमेश राम का पूरा परिवार बेघर हो गया है. सर से छत छिन जाने के बाद अभी तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली है, जिसके कारण उसका परिवार दूसरे के घर में शरण लेने को विवश है. समाचार के अनुसार शनिवार को आये तूफान में ओबरा गांव के उमेश राम के घर का पूरा छप्पर उड़ गया.
इस दौरान घर में रह रहे उमेश की पत्नी ललिता देवी, पिता बालगोविंद राम व पांच बच्चे घंटों भय के साये में बैठे रोते रहे. तूफान समाप्त होने के बाद हिंदू जागरण मंच के प्रदेश मंत्री पुष्परंजन सहित कई ग्रामीण वहां पहुंचे और उमेश के परिजनों को सांत्वना दी. उमेश की पत्नी ललिता देवी ने कहा कि मेहनत मजदूरी करके किसी तरह घर बनाया था, अब वह भी उजड़ गया है. ऐसे में वह अपने परिवार व छोटे बच्चों को लेकर कहां जाये.
उमेश राम ने कहा कि किसी ने उसकी सुध नहीं ली है. परिवार के लोग पड़ोस में शरण लिए हुए हैं. उसने बताया कि इस मामले को लेकर जब वह पंचायत सचिव के पास गया, तो उसे कहा गया कि उजड़े हुए घर का फोटो खींच कर ले आओ. उमेश ने कहा कि सरकार उसकी मदद नहीं करती है, तो उसका परिवार कहां रहेगा.
