धुरकी स्थित बीरबल गांव निवासी है
गरीबी की वजह से 14 वर्ष की उम्र में ही गया था कमाने
पिछले सप्ताह पता चला कि वह हरदोई के गउरा गांव में बंधक बना कर रखा गया है
गढ़वा : जिले के धुरकी प्रखंड के बीरबल गांव निवासी परमजीत कुमार 10 वर्ष से उत्तर प्रदेश के हरदोई के गउरा गांव में बंधक बना हुआ है. दरगाही भुइयां का पुत्र परमजीत 10 वर्ष पूर्व 14 साल की उम्र में अपने कुछ दोस्तों के साथ कमाने के लिए गया हुआ था. वे सभी एक कंपनी की फैक्टरी में काम कर रहे थे.
परमजीत के साथ गये अन्य युवक वहां से घर चले आये थे, लेकिन वह वहीं रह गया था. इसी बीच घरेलू काम काज कराने के लिए उसे हरदोई के गउरा निवासी मानसिंह ठाकुर ने बंधक बना लिया. लेकिन इस बात का पता उसके परिवारवालों या अन्य लोगों को नहीं चल सका.
करीब 10 वर्ष के बाद पिछले सप्ताह फरीदाबाद में मोटर पार्ट्स निर्माण की फैक्टरी में काम कर रहे धुरकी के युवक नागेंद्र राम से हरदोई के एक व्यक्ति ने बातों ही बातों में बताया कि उनके गांव में एक युवक काफी दिनों से बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया है.
वह मानसिंह ठाकुर के यहां निगरानी में रहता है और उससे घरेलू कामकाज किया जाता है. बंधक युवक के बारे में पूरी बात पता चलने के बाद उसने परमजीत के माता-पिता को इसकी जानकारी दी. युवक के पिता दरगाही भुइयां ने बताया कि उनका लड़का 10 वर्ष पूर्व कमाने के लिए गया हुआ था. तब से उसका पता नहीं चल रहा था.
अधिकारियों से छुड़ाने की लगायी गुहार : सोमवार को दरगाही भुइयां ने प्रधानमंत्री, झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री रघुवर दास, श्रम व नियोजन मंत्री, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, उपायुक्त गढ़वा, एसपी व जायंट्स ग्रुप स्पेशल कमेटी के सदस्य विजय कुमार केसरी को पत्र लिखकर गुहार लगायी है.जायंट्स ग्रुप के विजय कुमार केसरी ने कहा कि वे इस मामले को लेकर अधिकारियों से मिलेंगे और हर हाल में बंधक बने युवक को छुड़ाया जायेगा.
