बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से बेचे जा रहे 20 लीटर वाले पानी के जार

गढ़वा में 20 लीटर वाले पानी के जार बिना लाइसेंस के बिक रहे हैं. आधे से ज़्यादा कंपनियों के पास ज़रूरी परमिट नहीं है. जानें यह आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है.

पियूष तिवारी की रिपोर्ट

गढ़वाः जिले में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और पानी के जार की बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. गढ़वा शहर ही नहीं, बल्कि सुदूर गांव-देहात में भी शादी-विवाह और अन्य समारोहों में 20 लीटर वाले पानी के जार की मांग बढ़ गई है. शहरों में लगभग सभी प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों में सालभर 20 लीटर वाले जार देखने को मिलते हैं. इसके अलावा कई घरों में भी खाना बनाने और पीने के लिए रोजाना इस पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

जिले के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिष्ठानों और घरों तक पानी पहुंचाकर 20 से 30 रुपए प्रति जार की दर से बिक्री की जा रही है. लेकिन इस तेजी से बढ़ते कारोबार के बीच पानी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े तय मानकों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नियमों के अनुसार एक लीटर का पैकेज्ड वाटर हो या 20 लीटर वाला पानी का जार, इसके लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानक तय हैं और अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है. इसके बावजूद जिले में इन नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है.

बताया जाता है कि जिले में करीब 50 से 60 लोकल कंपनियों की ओर से पानी के जार की बिक्री की जा रही है. इनमें से आधे के पास भी अनुज्ञप्ति नहीं होने की बात सामने आई है. ऐसे में बिना निर्धारित मानकों और अनुज्ञप्ति के बिकने वाला पानी लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

ये भी पढ़ें- कचरे से बंद हुई चिरका डैम की मुख्य नहर, सिंचाई के लिए परेशान किसान

पैकेजिंग और डिलीवरी करने वाले की मेडिकल रिपोर्ट जरूरी

नियमानुसार जिस व्यक्ति द्वारा पानी की पैकेजिंग की जा रही है और जो जार लोगों के घर या प्रतिष्ठान तक पहुंचा रहा है, उसकी मेडिकल रिपोर्ट अपडेट होनी चाहिए. इसका कारण यह है कि किसी बीमारी से संक्रमित व्यक्ति के माध्यम से पानी के जरिये संक्रमण फैलने की आशंका रहती है. इसके अलावा पानी के जार और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की साफ-सफाई भी जरूरी है. पानी की पैकेजिंग और भंडारण से जुड़े स्थानों को संक्रमण से मुक्त और स्वच्छ रखना खाद्य सुरक्षा मानकों का अहम हिस्सा है.

एक लीटर पैकेज्ड वाटर के लिए सिर्फ 5 लाइसेंसधारी

20 लीटर वाले पानी के जार के अलावा एक लीटर वाले पैकेज्ड वाटर बोतल की बिक्री के लिए जिले में मात्र पांच संस्थानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं. इनमें पीपीएस करकोमा, एवरग्रीन बेलचंपा, गंगाजल हरेया, कृष्णा मिनरल वाटर खरौंधी और सोनम एक्वा नगरउंटारी शामिल हैं.

बिना लाइसेंस कारोबार पर होगी कार्रवाई

इस संबंध में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीप्रश्री श्रीवास्तव ने बताया कि जो लोग बिना अनुज्ञप्ति के पानी के जार या एक लीटर के पैकेज्ड वाटर बोतल बेच रहे हैं, वे आवश्यक जांच कराकर अनुज्ञप्ति ले लें. उन्होंने कहा कि बिना अनुज्ञप्ति कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा.

ये भी पढ़ें- Garhwa: डाक बंगले में न पंखा चला, न मिला पानी, बदहाल व्यवस्था देख भड़के विधायक

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Deepak

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >