गांव पहुंचने के लिए सड़क नहीं, बरसात में टापू बन जाता है टोला

उंटारी रोड (पलामू) : उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत लुम्बा-सतबहिनी पंचायत के गवरलेटवा गांव का उरांव टोला बुनियादी सुविधाओं से आज भी वंचित है. गवरलेटवा गांव का उरांव टोला पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. इस टोले के चारों तरफ पहाड़ ही पहाड़ है. इस टोले में जाने के लिए पहाड़ पार करना पड़ता है. […]

उंटारी रोड (पलामू) : उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत लुम्बा-सतबहिनी पंचायत के गवरलेटवा गांव का उरांव टोला बुनियादी सुविधाओं से आज भी वंचित है. गवरलेटवा गांव का उरांव टोला पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. इस टोले के चारों तरफ पहाड़ ही पहाड़ है.

इस टोले में जाने के लिए पहाड़ पार करना पड़ता है. चूंकि टोले के चारों ओर पहाड़ है, इसलिए यहां हमेशा टोले के किनारे पानी जमा रहता है. इसके चलते बरसात के दिनों में यह टोला टापू बन कर रह जाता है. बरसात के समय इस टोले का बाकी दुनिया से संपर्क टूट जाता है. यही नहीं इस टोला पहुंचे के लिये कोई भी सड़क नहीं है. गवरलेटवा गांव से मुख्य सड़क की दूरी तीन किलोमीटर है, जबकि सतबहिनी रेलवे स्टेशन इस टोला से 2.5 किलोमीटर है. उंटारी प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए यहां के लोगों को छह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है. अगर सड़क का निर्माण हो जाये तो यह दूरी मात्र तीन किलोमीटर रह जायेगी.
इस टोले के किनारे एक एनपीएस विद्यालय है. बरसात के दिनों में विद्यालय जाने के लिये बच्चों को पानी में उतरकर गुजरना पड़ता है.
गवरलेटवा के अजय गुप्ता ने उरांव टोला की समस्याओं को उपायुक्त के जनता दरबार में उठाया था. इसके अलावा श्री गुप्ता ने इस समस्या को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्विटर पर ट्वीट किया था. श्री गुप्ता के ट्वीट को हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लिया और पलामू उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि को उरांव टोले तक विकास की किरण पहुंचाने का निर्देश दिया. श्री सोरेन ने उपायुक्त को कहा कि बच्चों को स्कूल जाने में जो भी परेशानी हो रही है, उसे तत्काल दूर किया जाये.

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