मुश्किल हो जाता है दिन में शहर से गुजरना

17 अक्तूबर 2001 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने किया था गढ़वा बाइपास का शिलान्यास उत्तर प्रदेश, बिहार व छत्तीसगढ़ राज्यों की सीमा को जोड़ता है गढ़वा : गढ़वा को जिला बनने के 28 साल गुजर जाने के बाद भी गढ़वा शहर में बाइपास का निर्माण नहीं हो पाया है़ इस कारण गढ़वा शहर से […]

17 अक्तूबर 2001 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने किया था गढ़वा बाइपास का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश, बिहार व छत्तीसगढ़ राज्यों की सीमा को जोड़ता है

गढ़वा : गढ़वा को जिला बनने के 28 साल गुजर जाने के बाद भी गढ़वा शहर में बाइपास का निर्माण नहीं हो पाया है़ इस कारण गढ़वा शहर से होकर गुजरना किसी भी वाहन चालक के लिए सिरदर्द रहता है़ बाइपास नहीं होने के कारण एक तरफ जहां तकरीबन दो किमी के गढ़वा शहर से गुजरने के लिए घंटों समय लगता है. वहीं मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के भीड़ के कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है़ विदित हो कि गढ़वा शहर उत्तर प्रदेश, बिहार व छत्तीसगढ़ तीन राज्यों की सीमा से लगा हुआ है.

गढ़वा शहर से गुजरनेवाला पड़वा-मुड़ीसेमर मार्ग एनएच-75 में आता है़ वहीं गढ़वा से रंका होते हुए अंबिकापुर जानेवाला मार्ग एनएच-343 पड़ता है़. इस कारण जिला मुख्यालय से होकर इन तीनों राज्यों की यात्री बसें व मालवाहक गाड़ियां भी काफी संख्या में गुजरते रहती है. गढ़वा शहर के बीच सड़क काफी संकरा होने के कारण इन वाहनों के गुजरने के दौरान अस्त-व्यस्त स्थिति बन जाती है.

इस कारण गढ़वा शहर को पार करना बाहर की गाड़ियों के लिये समस्या हो जाती है़ कभी-कभी उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ता है़ वहीं स्थानीय लोगों को भी सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है़ साथ ही शहर के दोनों किनारे स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व आवासों के लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है़ गढ़वा को जिला बनने के बाद से ही शहर के लिए की मांग होती रही है.

नो इंट्री के बाद भी परेशानी कम नहीं हुई

दिन में वाहनों की भीड़ हो जाने के कारण घंटों लगे सड़क जाम से निजात के लिए प्रशासन ने मालवाहक गाड़ियों के लिए दिन में अलग-अलग मार्गों से आनेवाली गाड़ियों के लिए शहर में नो इंट्री की शुरुआत की गयी है़ नो इंट्री से भी कोई खास लाभ नहीं हो रहा है अलबत्ता जब नो इंट्री खुलती है, तो शहर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाता है़ और लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है़

2019 में फिर हुआ शिलान्यास लेकिन काम नहीं लगा है

सांसद बीडी राम के प्रयास से गढ़वा में 22 किमी फोरलेन बाइपास की स्वीकृति मिलने के बाद इसी वर्ष लोकसभा चुनाव के पूर्व सांसद ने शिलान्यास तो किया है, लेकिन अब तक बाइपास निर्माण को लेकर काम शुरू नहीं किया जा सका है़ बताया जाता है कि शीघ्र ही बाइपास सड़क का निर्माण शुरू किया जायेगा.

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