जितेंद्र सिंह, गढ़वा : प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण गढ़वा जिला वैसे तो कई मामलों में सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है. लेकिन इन दिनों विदेशी पक्षियों का आगमन लोगों को बरबस अपनी ओर खींचने को विवश कर रहा है़
जिले के रमना प्रखंड का जीरूआ बांध व भवनाथपुर का आरएमडी माइंस का डैम में विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है़ इन दोनों जलाशयों में तरह-तरह के विदेशी पक्षियों के आगमन से प्रत्येक वर्ष उक्त क्षेत्र गुलजार रहता है़
दिसंबर के पहले सप्ताह से ही पक्षियों का आगमन शुरू होता है और फरवरी- मार्च तक विदेशी पक्षी यहां अपना डेरा जमाये रहते हैं. गढ़वा जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर रमना प्रखंड में स्थित जीरूआ बांध लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है.
कभी इस बांध से रमना, सिलीदाग व गम्हरिया गांव की 1000 एकड़ भूमि सिंचित होती थी. लेकिन समय के साथ-साथ बांध का रख-रखाव पर असर पड़ा, इसके बावजूद यहां प्रत्येक साल काफी संख्या में विदेशी पक्षियों का आगमन होता है़
बांध का पानी कम होने और गर्मी के आगमन से पूर्व ही सभी पक्षियां पुऩ: अपने वतन लौट जाती हैं. इसी तरह जिले के भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सेल आरएमडी माइंस का वृहद डैम तीन दशकों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है़ इस डैम में भी दिसंबर में काफी संख्या में तरह-तरह के विदेशी पक्षियों का आगमन होता है़
यद्यपि इन पक्षियों के शिकार के कारण इनके ठहराव में थोड़ी निरंततरता देखी जाती है, बावजूद उनका आगमन निर्बाध रूप से जारी है़ उपरोक्त दोनों स्थानों पर विदेशी पक्षियों के विश्रामागार भले ही उनकी कोई मजबूरी अथवा नियति हो, लेकिन सैलानियों के लिए उनका आगमन खास और उत्साहित करनेवाला होता है़
