गढ़वा : अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर जिलेभर की स्वास्थ्य सहियाओं द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही. हड़ताल की वजह से जिले भर में स्वास्थ्य से संबंधित कार्य चरमरा गया है़ मुख्य रूप से मिशन इंद्रधनुष के टीकाकरण का कार्य, महिला बंध्याकरण व प्रसव आदि से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है.
गढ़वा सदर अस्पताल में हड़ताल के दौरान धरना पर बैठी स्वास्थ्य सहियाओं ने कहा कि वे अपने घर व परिवार की जिम्मेवारी छोड़ते हुए स्वास्थ्य विभाग के कार्य कर रही है़ं वे रात में अपने छोटे बच्चों को रोते हुये छोड़कर गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाती है़ं लेकिन इसके बदले में उन्हें कुछ नहीं दिया जाता है़
वे जब घर पहुंचती हैं, तो पूरी तरह से खाली हाथ रहती है़ं अस्पताल के अन्य पदाधिकारियों के बच्चे नामी-गिरामी विद्यालय में पढ़ते है़ं लेकिन सहिया के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है़ उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में सहिया को सम्मानजनक मानदेय मिलता है़ इससे वे घर चला लेती है़ं लेकिन यहां वे सिर्फ प्रोत्साहन राशि से ही काम चलाती है़ं वह भी कितने महीने में मिलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं लेता है़ उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन से हटनेवाली नहीं है़
सहिया संघ ने जो मांगपत्र सौंपा
हड़ताल व धरना के क्रम में सहिया संघ की ओर से सिविल सर्जन को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया़ इसमें अन्य राज्यों की तरह यहां भी मानदेय देने, लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने, प्रत्येक माह के अंत में प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने, दुर्घटना बीमा के रूप में पांच लाख रुपये का लाभ देने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सहिया हेल्प डेस्क शुरू कराने, सहिया को एचबीएनसी कीट उपलब्ध कराने, जिलास्तर पर सहिया प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था कराने आदि शामिल है़
